गांधी वाटिका की उपेक्षा पर गहलोत का हमला, बोले- महात्मा गांधी के आदर्शों से डरती है भाजपा

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जयपुर, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को राज्य सरकार पर गांधी वाटिका की उपेक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कांग्रेस कार्यकाल में विकसित इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल की बीजेपी सरकार अनदेखी कर रही है।

गहलोत ने डिजिटल सीरीज ‘इंतजार शास्त्र’ के माध्यम से राज्य सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर हमला जारी रखते हुए कहा कि गांधी वाटिका के प्रति भाजपा सरकार की मंशा साफ नहीं है। हालांकि जनता के दबाव में भाजपा ने संग्रहालय को खोला, लेकिन अब इसे नजरअंदाज करने की स्थिति साफ दिखाई दे रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के आदर्शों से इतनी डरती है कि उन्हें युवा पीढ़ी तक पहुंचने नहीं देना चाहती? गहलोत ने सुझाव भी दिए कि स्कूल और कॉलेजों के लिए यहां शैक्षिक यात्राओं को अनिवार्य किया जाना चाहिए और संग्रहालय का प्रचार विज्ञापन और अन्य मीडिया चैनलों के जरिए बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी के आदर्शों को दबाने की कोई कोशिश अंततः असफल होगी।

गहलोत ने वीडियो में बताया कि 2021-22 के बजट में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर दो संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया था: केंद्रीय पार्क में गांधी वाटिका म्यूजियम और महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज।

उन्होंने बताया कि गांधी वाटिका म्यूजियम को आधुनिक शैली में गांधी जी के विचार और दर्शन पेश करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें सत्य, अहिंसा और स्वतंत्रता संग्राम के सिद्धांतों को दर्शाया गया है।

इस संग्रहालय का निर्माण 14,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में 85 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। गहलोत के अनुसार, यह देश के सबसे आकर्षक और आधुनिक संग्रहालयों में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसे लगभग एक साल तक बंद रखा और धरने की चेतावनियों के बाद ही इसे 2024 में खोला गया।

गहलोत ने कहा कि यह संग्रहालय एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संपत्ति है, लेकिन इसके प्रबंधन और देखभाल में अभी काफी सुधार की गुंजाइश है।