मणिपुर: सीएम युमनाम खेमचंद सिंह का सख्त रुख, उपद्रवी तत्वों पर कार्रवाई के निर्देश

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इंफाल, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को उपद्रवी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य में सुरक्षित कॉरिडोर और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी के अनुसार, सिविल सचिवालय में आयोजित इस बैठक में राज्य के मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की रणनीतियों पर चर्चा हुई।

सीएम ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में कहा, “लोगों की सुरक्षा और वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

उन्होंने कहा, “सभी उपद्रवी और असहयोगी तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में सुरक्षित कॉरिडोर और सुचारु यातायात सुनिश्चित हो सके। हम शांति, स्थिरता और जनविश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

मणिपुर में आवश्यक वस्तुओं खाद्यान्न, दवाइयों और निर्माण सामग्री की आपूर्ति मुख्य रूप से दो राष्ट्रीय राजमार्गों, इम्फाल-जिरीबाम (एनएच-37) और इम्फाल-दीमापुर (एनएच-2) के जरिए होती है।

इससे पहले गुरुवार को ही मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नई दिल्ली से लौटने के बाद इम्फाल स्थित लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी।

मुख्यमंत्री ने 57 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल शुभंकर बसु के नेतृत्व में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की।

सीएम ने बताया कि इम्फाल में डूरंड कप 2026 के आयोजन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें संस्थागत समन्वय, लॉजिस्टिक तैयारियों और आयोजन को सफल बनाने की रणनीति पर विचार किया गया।

उन्होंने कहा कि डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है, जिसमें इंडियन सुपर लीग, आई-लीग और सशस्त्र बलों की प्रमुख टीमें हिस्सा लेती हैं।

सीएम ने कहा, “बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की उम्मीद है। राज्य सरकार सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे मणिपुर की फुटबॉल हब के रूप में पहचान और मजबूत होगी।”

गौरतलब है कि जातीय हिंसा के कारण दो साल के अंतराल के बाद जुलाई 2025 में डूरंड कप का 134वां संस्करण मणिपुर में आयोजित किया गया था।

मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच लंबे समय तक चले जातीय संघर्ष के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जिसे इसी वर्ष फरवरी में हटा लिया गया।