जेन-जी के बीच बढ़ रहा ‘भजन क्लबिंग’ का क्रेज, झूम उठे व्हिस्लिंग वुड्स के छात्र

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मुंबई, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अक्सर ‘जेन-जी’ का नाम आते ही जेहन में पॉप कॉन्सर्ट और डांस पार्टियों की तस्वीर उभरती है, लेकिन अब युवा पीढ़ी ‘भजन क्लबिंग’ की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। भक्ति गीतों को आधुनिक डीजे बीट्स और क्लबिंग स्टाइल के फ्यूजन के साथ पेश करने का यह चलन भारत में नया नहीं है, लेकिन अब यह एक बड़े ‘ट्रेंड’ के रूप में स्थापित हो रहा है।

हाल ही में फिल्ममेकर सुभाष घई के इंस्टीट्यूट व्हिस्लिंग वुड्स इंटरनेशनल में एक कार्यक्रम के दौरान भजन क्लबिंग का खास आयोजन हुआ। इसमें अमेय डाबली मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। अमेय पिछले कई सालों से भारत में भजन क्लबिंग शो कर रहे हैं।

सुभाष ने शुक्रवार को एक पोस्ट के माध्यम से अमेय को धन्यवाद देते हुए एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “2006 में भजन क्लबिंग शोज की शुरुआत हुई थी। आज हर जेन-जी भारत में भजन क्लबिंग को लेकर बहुत उत्साहित है। इस उत्साह का अनुभव व्हिस्लिंग वुड्स इंटरनेशनल में हुआ, जहां उन्होंने और उनकी प्रतिभाशाली टीम ने स्टेज पर 70 मिनट तक शानदार प्रदर्शन किया। छात्रों के साथ रसों और भक्ति रस से जुड़े भावों पर बातचीत की गई। सभी रसों को जोड़ते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।”

सुभाष घई ने धन्यवाद कहते हुए लिखा, “अमेय डाबली इस अद्भुत अनुभव के लिए धन्यवाद और हमेशा ऐसे ही धन्य रहें।”

गायक और संगीतकार अमेय डाबली आध्यात्मिक संगीत, ‘भजन क्लबिंग’ और ‘एकम सत्’ कार्यक्रमों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 15 साल के कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर 2100 से अधिक लाइव संगीत कार्यक्रम किए। अमेय ‘मिशन फॉर नेशन’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों के लिए प्रस्तुति देते हैं और अपनी अनूठी शैली से युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं।

अमेय के गाने बॉलीवुड, सूफी, गजल, लोक, आध्यात्मिक और सॉफ्ट रॉक का मिश्रण है। वे पारंपरिक भजनों और मंत्रों को आधुनिक संगीत के साथ मिलाकर गाने का एक अलग अनुभव देते हैं, जिसे ‘भजन क्लबिंग’ कहा जाता है।

एकम सत्, यह ‘वन ट्रुथ, वन ह्यूमैनिटी’ (एक सत्य, एक मानवता) के संदेश के साथ विश्व संगीत कार्यक्रम है।