नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली में रिश्वतखोरी के दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
पहला मामला दिल्ली के शाहदरा उत्तरी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां नगर निगम के एक बेलदार और एक जूनियर इंजीनियर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके मरम्मत किए गए मकान को न गिराने के बदले बेलदार ने उससे 80 हजार रुपए की मांग की थी। इस शिकायत के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 31 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
जांच के दौरान 1 अप्रैल 2026 को एजेंसी ने जाल बिछाया। इस दौरान बेलदार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जब वह शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए अपने लिए और जूनियर इंजीनियर के लिए 70 हजार रुपए मांग रहा था। मामला सामने आने के बाद जूनियर इंजीनियर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरा मामला नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर क्षेत्र का है, जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के एक संरक्षण सहायक समेत दो लोगों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे जारी किए गए एक नोटिस को रद्द करने और काम जारी रखने की अनुमति देने के बदले इन दोनों ने उससे 3 लाख 50 हजार रुपए की मांग की थी। बाद में बातचीत के बाद यह रकम 3 लाख 10 हजार रुपए पर तय हुई और शिकायतकर्ता से कहा गया कि वह एक लाख रुपए अग्रिम के रूप में दे।
इस शिकायत के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 30 मार्च को मामला दर्ज किया। इसके बाद 1 अप्रैल को जाल बिछाकर एक आरोपी कर्मचारी को रंगेहाथों पकड़ लिया गया, जब वह एक लाख रुपए की रिश्वत ले रहा था। जांच के दौरान संरक्षण सहायक की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे जांच जारी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी उनसे रिश्वत मांगता है, तो वे इसकी शिकायत जरूर करें, ताकि ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जा सके।


