कोलकाता, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों पर हमले के मामले में जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, शुक्रवार दोपहर तक बंगाल पुलिस की ओर से इस मामले में की गई कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में अधिकारियों पर हुए हमले की जांच एनआईए को सौंपी है। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए प्रारंभिक जांच दर्ज की है।
इधर, गिरफ्तारियों की संख्या की पुष्टि करते हुए उत्तरी बंगाल के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ए़डीजी) के. जयरामन ने बताया कि पुलिस ने कुल 19 मामले दर्ज किए हैं। ये मामले अधिकारियों के साथ बदसलूकी और कालियाचक के अलग-अलग इलाकों में अवैध रूप से सड़क जाम करने से जुड़े हैं। सड़क जाम करने का यह सिलसिला बुधवार को शुरू हुआ था और गुरुवार तक जारी रहा।
उन्होंने बताया कि 33 गिरफ्तारियों में से मुख्य आरोपी और इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड मोफक्करुल इस्लाम है। वह पेशे से वकील है और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) का नेता है। उसे शुक्रवार सुबह दार्जिलिंग जिले के बागडोगरा हवाई अड्डे पर तब गिरफ्तार किया गया, जब वह राज्य से भागने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा, “वह मुख्य व्यक्ति था जो बुधवार को कालियाचक में भीड़ को उकसा रहा था। उसे उसके करीबी साथी अकरमुल बागानी के साथ बागडोगरा हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। उनकी योजना बेंगलुरु भागने की थी। चूंकि एनआईए ने जांच की कमान संभाल ली है, इसलिए अगर वे चाहें, तो इस्लाम को उन्हें सौंप दिया जाएगा।”
उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि कालियाचक की घटना के संबंध में इस्लाम के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं। ए़डीजी जयरामन ने आगे कहा, “इस बात का पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि क्या वह कहीं और भी किसी तरह की शरारत या आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसे बख्शा नहीं जाएगा।”


