रेवंत रेड्डी के दावों पर जी. किशन रेड्डी ने उठाए सवाल, केरल के लोगों के नाम पत्र लिखकर दी चेतावनी

0
5

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने केरल के लोगों के नाम एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की ‘फर्जी गारंटियों’ का जिक्र किया है और सावधान रहने की अपील की है।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि केरल अपने शिक्षित और जागरूक नागरिकों के लिए जाना जाता है, जो वोट देने से पहले सोच-समझकर फैसला करते हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों के समय कई नेता केरल आ रहे हैं और कई वादे कर रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 1 अप्रैल को केरल आए थे, लेकिन उनकी बातें लोगों को प्रभावित नहीं कर पाईं। उन्होंने अपने भाषणों में कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार अपने वादे पूरे कर रही है और जनता उनका पूरा समर्थन कर रही है।

उन्होंने लिखा, “मैं एक केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना का सांसद होने के नाते वहां की स्थिति को करीब से देख चुका हूं। तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में आने के लिए 6 गारंटी और 420 से ज्यादा वादे किए थे, जो किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों से जुड़े थे। इन वादों का बड़े स्तर पर प्रचार किया गया था, जिसमें सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था, लेकिन ये गारंटी पूरी तरह से फर्जी साबित हुई हैं।”

उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने किसानों से हर साल प्रति एकड़ 15,000 रुपए देने का वादा किया था और खेत मजदूरों को 12,000 रुपए देने की बात कही गई थी, लेकिन कई फसल सीजन गुजर जाने के बाद भी किसी किसान को यह मदद नहीं मिली। कर्ज माफी का वादा भी किया गया था, लेकिन लगभग 40 लाख किसान अभी भी इसका इंतजार कर रहे हैं। सरकार अब कह रही है कि उसके पास पैसे नहीं हैं।

इसके साथ ही महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देने, शादी के लिए सोना और आर्थिक सहायता देने की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अभी तक किसी महिला को इसका लाभ नहीं मिला। छात्रों को 25 लाख रुपए तक की सहायता देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह भी लागू नहीं हुई। युवाओं को पहले साल में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन नई भर्तियां नहीं हुईं।

उन्होंने कई योजनाओं को सिर्फ वादों में खत्म करने का आरोप लगाते हुए जी. किशन रेड्डी ने केरल के लोगों से कहा है कि तेलंगाना का अनुभव हमें एक सीख देता है कि चुनाव के समय किए गए वादे सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन सही योजना और पैसे के बिना वे पूरे नहीं होते। इसलिए ऐसे वादों पर भरोसा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि जहां पहले ऐसे वादे किए गए, वहां क्या हुआ। केवल अखबारों के विज्ञापनों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने लिखा, “मैं केरल के लोगों से निवेदन करता हूं कि वे सही जानकारी के आधार पर समझदारी से फैसला लें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही एक ऐसा विकल्प है, जिसने केरल के लोगों के लिए काम किया है। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि भाजपा और उसके सहयोगियों को सेवा का अवसर दें।”