जेरूसलम, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शुक्रवार को दोहराया कि लेबनान में देश का प्रमुख लक्ष्य हिज्बुल्लाह को सैन्य और राजनीतिक तरीकों से निरस्त्र करना है।
‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद काट्ज ने कहा, “लेबनान में इजरायल की नीति स्पष्ट रही है और आगे भी रहेगी। सबसे बड़ा मकसद मिलिट्री और पॉलिटिकल तरीकों से हिज्बुल्लाह को हटाना है, चाहे ईरान का मुद्दा कुछ भी हो।”
काट्ज ने कहा कि इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) दक्षिणी लेबनान में अपनी जमीनी कार्रवाई उस सीमा तक पूरी कर रही है, जहां से हिज्बुल्लाह इजरायल पर एंटी-टैंक मिसाइल हमले कर सकता है।
उन्होंने कहा, “सीमा के पास लेबनान के गांवों में स्थित घर, जो हर तरह से हिज्बुल्लाह के ठिकानों की तरह काम करते हैं, उन्हें गाजा के रफाह और खान यूनिस मॉडल के अनुसार ध्वस्त किया जाएगा, ताकि इजरायली समुदायों के लिए खतरा खत्म किया जा सके।”
‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, काट्ज ने घोषणा की कि आईडीएफ दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी तक “सुरक्षा नियंत्रण” बनाए रखेगी और लगभग 6 लाख निवासियों को तब तक वापस नहीं आने दिया जाएगा, जब तक उत्तरी इजरायल के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा, “आईडीएफ लेबनान भर में हिज्बुल्लाह के नेताओं और लड़ाकों को निशाना बनाना जारी रखेगी, इसके अलावा वर्तमान अभियान की शुरुआत से अब तक 1,000 लड़ाकों को खत्म किया जा चुका है।” उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल हिज्बुल्लाह की रॉकेट फायरिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगा और उत्तरी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
इससे पहले दिन में आईडीएफ ने कहा कि पिछले एक महीने में लेबनान में एक हजार लड़ाकों, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं, मारे गए हैं और 3,500 से अधिक ठिकानों पर हमला किया गया है। इसमें हथियारों और सैन्य बलों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पुलों को भी निशाना बनाया गया।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “पिछले एक महीने में लेबनान में एक हजार लड़ाके ढेर किए गए, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं। 3,500 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए। हथियारों और दुश्मन बलों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पांच प्रमुख पुलों को निशाना बनाया गया। प्रमुख संसाधनों और वित्तीय भंडारण स्थलों पर भी हमला किया गया।”
एक अप्रैल को आईडीएफ ने दावा किया कि हिज्बुल्लाह के दक्षिणी मोर्चे के कमांडर हज्ज यूसुफ इस्माइल हाशेम को बेरूत में इजरायली नौसेना की ओर से किए गए हमले में मार गिराया गया।


