आम आदमी पार्टी ‘अत्याचार की सीमा’ तक जाने वाली राजनीति करती है : कमलजीत सहरावत

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कमलजीत सहरावत ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा से जुड़े संसदीय विवाद, महिला आरक्षण विधेयक, एलपीजी उपलब्धता और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की चुनावी भूमिका पर प्रतिक्रिया दी है।

आईएएनएस से बातचीत में कमलजीत सहरावत ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के मूल विचारों से जुड़े कई प्रमुख चेहरे अब उससे अलग हो चुके हैं। उन्होंने किरण बेदी, योगेंद्र यादव और आशुतोष का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी कभी पार्टी के कोर सदस्य थे, लेकिन समय के साथ अलग हो गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में असहमति के लिए कोई जगह नहीं है और जो भी सच बोलता है, उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। राघव चड्ढा के बयान को उन्होंने गंभीर बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ‘अत्याचार की सीमा’ तक जाने वाली राजनीति करती है।

महिला आरक्षण विधेयक पर कमलजीत सहरावत ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की आधी आबादी से किया गया महत्वपूर्ण वादा है। सरकार पहले ही इस दिशा में कदम बढ़ा चुकी है और अब इस पर चर्चा के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं लंबे समय से इसका इंतजार कर रही हैं और यह उनके सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

एलपीजी की उपलब्धता को लेकर कांग्रेस नेता कमलनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलजीत सहरावत ने कहा कि वर्तमान हालात में देश में कोई बड़ी कमी नहीं है और लोगों को नियमित रूप से गैस सिलेंडर मिल रहे हैं। सरकार ने एहतियात के तौर पर कुछ कदम जरूर उठाए हैं, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश की। उनके अनुसार, कमलनाथ का बयान वास्तविक स्थिति को स्वीकार करने जैसा है और देश की जनता हर चुनौती के समय सरकार के साथ खड़ी रही है।

वहीं, असदुद्दीन ओवैसी द्वारा बंगाल और असम चुनाव में ‘मियां गेमचेंजर’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलजीत सहरावत ने कहा कि चुनाव में असली गेमचेंजर जनता होती है। पश्चिम बंगाल की स्थिति चिंताजनक है, जहां चुनाव के दौरान हिंसा और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले सामने आते रहते हैं। उन्होंने ओवैसी को सलाह दी कि वे जनता को किसी विशेष श्रेणी में बांटने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करें, क्योंकि अंततः जनता ही फैसला करती है।