कांग्रेस नेता सतीशन का केरल के मुख्यमंत्री पर तीखा हमला, प्रोग्रेस रिपोर्ट को बताया झूठ का पुलिंदा

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इडुक्की, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल में सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला करते हुए विपक्ष के नेता वीडी. सतीशन ने सोमवार को प्रगति रिपोर्ट को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 अप्रैल के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और बड़ी नाकामियों को छिपाया है।

सतीशन ने कहा कि सरकार की रिपोर्ट 38 पन्नों से घटकर 24 पन्नों की हो गई है, जो उनकी सच्चाई छिपाने की कोशिश को दिखाता है।

उन्होंने सरकार के आवास योजना के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2016 में पांच लाख घर बनाने का वादा किया गया था, लेकिन दस साल में केवल करीब 4.5 लाख घर ही बन पाए।

इसके मुकाबले उन्होंने कहा कि ओमन चांडी के नेतृत्व वाली सरकार ने पांच साल में ही लगभग पांच लाख घर बना दिए थे।

विपक्ष के नेता ने एलडीएफ पर जनकल्याण योजनाओं के वादे पूरे न करने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1,600 रुपए से बढ़ाकर 2,000 और फिर 2,500 रुपए करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ और चुनाव से ठीक पहले ही इसमें बढ़ोतरी की गई।

रबर के लिए 250 रुपए समर्थन मूल्य देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ, इस पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सतीशन ने आरोप लगाया कि पिछली यूडीएफ सरकार के समय शुरू की गई कई योजनाएं, जैसे करुण्या योजना, कमजोर कर दी गई हैं या बंद कर दी गई हैं, जिससे व्यवस्था वेंटिलेटर पर पहुंच गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों के बावजूद मछुआरों को मिलने वाली सब्सिडी कम कर दी गई है, और इस क्षेत्र के लिए घोषित 12,000 करोड़ रुपए का पैकेज सिर्फ कागजों में ही है।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए सतीशन ने आरोप लगाया कि वे विझिंजम पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट का गलत तरीके से श्रेय ले रहे हैं, जबकि इसकी शुरुआत यूडीएफ सरकार ने की थी।

इडुक्की में जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सभी विवाद सुलझाने का दावा सरासर झूठ है, क्योंकि अब भी पट्टे और वन भूमि से जुड़े मामले लंबित हैं।

सतीशन ने शासन की स्थिति को खराब बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में पद खाली हैं, किसानों की आय घट रही है और खरीद व्यवस्था भी विफल रही है। सरकार की रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है और इसका फैसला जनता चुनाव के दिन करेगी।

सतीशन ने सीपीआई (एम) पर वायनाड से जुड़े वित्तीय मुद्दों पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और शहीदों के नाम पर जुटाई गई राशि के दुरुपयोग के भी गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने एसडीपीआई जैसे संगठनों को लेकर सत्ताधारी दल के रुख पर सवाल उठाए और वामपंथी व भाजपा नेताओं पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया। सतीशन ने कहा कि यूडीएफ साफ और जवाबदेह शासन के लिए प्रतिबद्ध है, जो सत्तारूढ़ सरकार के अहंकार और धोखे से बिल्कुल अलग है।