पिता के विरोध से आईपीएल के हीरो तक, अब तूफानी बल्लेबाजी से सबका दिल जीत रहे समीर रिजवी

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नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। आईपीएल 2026 में अभी भले ही सिर्फ 12 ही मुकाबले खेले गए हों, लेकिन एक बल्लेबाज का नाम हर किसी की जुबां पर आ गया है। यह नाम है दिल्ली कैपिटल्स के उभरते हुए बल्लेबाज समीर रिजवी। समीर के पिता नहीं चाहते थे कि वह क्रिकेटर बनें। हालांकि, उनके मामा ने समीर की प्रतिभा को पहचाना।

मेरठ के रहने वाले समीर को शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था। मामा तनकीब अख्तर के साथ समीर मैदान पर अक्सर जाया करते थे और यहीं से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियों को सीखना शुरू किया। हालांकि, समीर के पिता और परिवार नहीं चाहताे थे कि वह क्रिकेट की दुनिया में अपना करियर बनाएं। पिता की चाहत था कि समीर पढ़ाई करें। हालांकि, क्रिकेट के प्रति समीर के जुनून के आगे पिता को भी झुकना पड़ा।

बेहद कम उम्र में ही समीर अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने लगे। अंडर-14 टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में समीर ने शतक लगाकर अपनी काबिलियत का नमूना छोटी सी उम्र में ही पेश कर दिया था। महज 16 साल की उम्र में समीर ने उत्तर प्रदेश के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया और इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। घरेलू क्रिकेट में समीर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से हर किसी को प्रभावित किया। हालांकि, वह सुर्खियों में साल 2023 में खेली गई यूपी टी20 लीग के दौरान आए। इस टूर्नामेंट में समीर ने सिर्फ 9 मुकाबलों में 455 रन बनाए और हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

आईपीएल 2024 के ऑक्शन में समीर को लगातार दमदार प्रदर्शन का इनाम भी मिला। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 8.4 करोड़ रुपये की बोली लगाते हुए अपनी टीम में शामिल किया। समीर ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर अपने इरादे हर किसी को जाहिर कर दिए। चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से दो सीजन खेलने के बाद आईपीएल 2026 के लिए हुए ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख में खरीदा।

समीर को जिस मौके और बल्लेबाजी क्रम की तलाश थी, वह उन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2026 में दिया। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स 21 के स्कोर पर 2 विकेट खोकर मुश्किल में थी। इस कठिन समय पर टीम मैनेजमेंट ने समीर पर भरोसा दिखाया और उन्हें नंबर चार पर बल्लेबाजी करने भेजा। समीर तो मानो इस मौके की ताक में बैठे थे। उन्होंने हाथ आए इस मौके को दोनों हाथों से कबूल किया और 47 गेंदों में 5 चौके और 4 छक्कों की मदद से 70 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए अकेले दम पर दिल्ली कैपिटल्स को जीत दिला दी। इस पारी की खास बात यह थी कि समीर ने पहली 9 गेंदों में खाता तक नहीं खोला था, लेकिन एक बार क्रीज पर सेट होने के बाद उन्होंने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी, उसका मुरीद हर कोई हो गया।

इसके बाद मुंबई इंडियंस के मजबूत गेंदबाजी अटैक के सामने समीर दिल्ली कैपिटल्स के संकटमोचक बने। उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए 176 के स्ट्राइक रेट से नाबाद 90 रन बनाए। समीर ने अपनी इस पारी में 7 चौके और 7 छक्के लगाए। समीर की बल्लेबाजी में इस सीजन वो परिपक्वता नजर आई है, जो उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग करती है। समीर पारी की शुरुआत में अपना समय ले रहे हैं और क्रीज पर सेट होने के बाद अपनी आक्रामक शैली से विपक्षी टीम के गेंदबाजी अटैक की खूब धज्जियां उड़ा रहे हैं।