जयपुर, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गुहाटा गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट’ के तहत चंबल नदी पर बन रहे एक्वाडक्ट (जलसेतु) के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पीने के पानी और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मुख्यमंत्री ने बताया कि गुहाटा गांव में चंबल नदी पर बन रहे इस विशाल एक्वाडक्ट के खंभों की विधिवत पूजा की गई और प्रोजेक्ट की प्रगति से जुड़ी प्रदर्शनी भी देखी गई। इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए वृक्षारोपण भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह एक्वाडक्ट 2280 मीटर लंबा और 36 मीटर ऊंचा होगा, जिससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलेगी और आम लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा। इसके ऊपर 7 मीटर चौड़ी सड़क भी बनाई जा रही है, जिससे कोटा और दिल्ली के बीच यात्रा अधिक आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना विकसित राजस्थान के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल प्रबंधन को मजबूत करके यह लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी और क्षेत्र के विकास को गति देगी।
इस प्रोजेक्ट से राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को फायदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी काम तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
इस परियोजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में चंबल एक्वाडक्ट की अहमियत बताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा भी की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि यह एक्वाडक्ट चंबल नदी के ऊपर बनाया जा रहा है, जो कोटा जिले के पिपल्दा समेल गांव और बूंदी जिले के गुहाटा गांव के बीच स्थित है। इसकी कुल लंबाई 2,280 मीटर है।
उन्होंने बताया कि इस संरचना को 5,060 पाइल्स और 77 पाइल कैप्स का सहारा मिलेगा और इसमें लगभग 384 गोलाकार पियर्स बनाए जाएंगे। यह एक्वाडक्ट चंबल नदी के पार पानी के प्रवाह को सुचारु बनाएगा, जिससे पानी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना आसान होगा। साथ ही, इसके ऊपर बनने वाला रास्ता वाहनों की आवाजाही के लिए भी उपयोगी होगा, जिससे आम लोगों को सुविधा मिलेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट’ के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने वाली प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री शर्मा ने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उनके साथ राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार और परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

