चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव की टिप्पणी संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है: पंकज चौधरी

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लखनऊ, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पलटवार किया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह टिप्पणी संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है।

पंकज चौधरी ने कहा कि हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष को संविधान की याद तो आ रही है, लेकिन उनके कथनों में संविधान के प्रति वास्तविक सम्मान नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करने की बेचैनी झलकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सपा को जनता का समर्थन नहीं मिलता, तब वह लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक हताशा छिपाने की कोशिश करती है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जब चुनाव जीतें तो व्यवस्था सही और जब हार जाएं तो चुनाव आयोग पर सवाल उठाना” यह दोहरा रवैया अब प्रदेश की जनता भलीभांति समझ चुकी है। जनता ऐसे अवसरवादी राजनीतिक आचरण को स्वीकार नहीं करेगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा नेतृत्व की मौजूदा भाषा और व्यवहार यह संकेत देता है कि वे अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन से परेशान हैं। सहयोगियों की हार और अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना के चलते वे अब राष्ट्र, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को भी कठघरे में खड़ा करने से नहीं हिचक रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ संविधान की दुहाई देना और दूसरी ओर चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों तथा जांच एजेंसियों पर लगातार सवाल उठाना सपा की अराजक मानसिकता को दर्शाता है। यह वही राजनीति है, जिसने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों की बजाय परिवारवाद, तुष्टिकरण और सत्ता-स्वार्थ को प्राथमिकता दी है।

पंकज चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की परिवारवादी राजनीति की नींव अब प्रदेश में कमजोर पड़ चुकी है। उत्तर प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है और भ्रम व प्रपंच की राजनीति को नकार चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूक जनता सपा की नकारात्मक और लोकतंत्र विरोधी राजनीति का आगामी चुनावों में पूरी तरह सफाया करने के लिए तैयार है।