पीयूष गोयल ने वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार पर चर्चा की

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नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार को और मजबूत करने के लिए कई विश्व नेताओं के साथ सार्थक वर्चुअल बातचीत की।

पीयूष गोयल ने यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ ‘वर्चुअल बातचीत’ की। पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि हमने भारत-यूएई व्यापार संबंधों को और मजबूत करने और गहरे द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों का विस्तार करने पर चर्चा की। हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्सुक हैं।

उन्होंने चिली गणराज्य के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना के साथ भी बातचीत की है। पीयूष गोयल ने बताया कि हमने अपने एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) वार्ताओं को आगे बढ़ाने पर चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधों तथा व्यापार को और मजबूत करने के अवसरों की तलाश की। हम अपने सहयोग को गहरा करने और जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक हैं।

केंद्रीय मंत्री ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव जासिम मोहम्मद अल-बुदैवी के साथ भी वर्चुअल बातचीत की। उन्होंने कहा कि हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-जीसीसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की और आर्थिक तथा रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री ओसामा खालिद बूदाई के साथ भी एक सफल वर्चुअल बैठक की। गोयल ने कहा कि हमने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों का विस्तार करने और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

पीयूष गोयल ने भारत-यूएसए व्यापार सुविधा पोर्टल के लॉन्च के अवसर पर वर्चुअल रूप से संबोधित भी किया। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि यह एक दूरदर्शी पहल है जो भारतीय निर्यातकों और अमेरिकी आयातकों के बीच सीधे जुड़ाव को सक्षम बनाएगी, जिससे हमारी द्विपक्षीय व्यापार साझेदारी को और गहरा करने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे।

इस बीच, गोयल ने हाल ही में कहा कि सरकार भारतीय निर्यातकों को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक व्यापार में आई बाधाओं से निपटने में मदद करने के लिए उपायों का एक नया सेट तैयार कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि विभिन्न मंत्रालयों में कई निर्णय वर्तमान में विचाराधीन हैं और जल्द ही उनकी घोषणा होने की संभावना है।