म्यांमार में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह: लगाया ‘एक पेड़ मां के नाम’, प्रवासी भारतीयों से किया संवाद

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यंगून (म्यांमार), 9 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने म्यांमार यात्रा के दूसरे दिन स्ट्रेटजिक कम्युनिटी के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात और बात की।

उन्होंने म्यांमार इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (एमआईएसआईएस), सेंटर फॉर पीस एंड रिकंसिलिएशन (सीपीआर), रखाइन लिटरेचर एंड कल्चरल एसोसिएशन (आरएलसीए) और म्यांमार-इंडिया फ्रेंडशिप एसोसिएशन (एमआईएफए) के अहम पदाधिकारियों से मुलाकात की। इसके अलावा वो यंगून विश्वविद्यालय और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों से मिले और अहम मसलों पर गंभीर मंत्रणा की।

उन्होंने एक्स पर खुद इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत यंगून स्थित ‘इंडिया हाउस’ में एक पौधा लगाया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पर्यावरणीय स्थिरता और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ भविष्य के संकल्प का परिचायक बताया।

इसके अलावा सिंह भारतीय प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित रंगारंग कार्यक्रम के भी साक्षी बने। उन्होंने कुछ तस्वीरें पोस्ट कर बताया कि यंगून में एक जीवंत सामुदायिक स्वागत समारोह में शामिल हुआ, जिसमें 300 से अधिक मेहमान थे; इनमें भारतीय प्रवासी और म्यांमार में ‘भारत के मित्र’ शामिल थे।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के स्थापना दिवस अवसर पर, म्यांमार के साथ सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में इसके कार्यों को प्रमुख बताया।

भारतीय प्रवासियों के बहुमूल्य योगदान की सराहना की, जिसमें भारत के साथ उनके अटूट संबंध भी शामिल हैं। साथ ही, प्रवासियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें पीआईओ/ओसीआई योजनाएं, छात्रवृत्तियां और भारत सरकार (जीओआई) की केआईपी योजना शामिल हैं।

अपनी चार दिवसीय यात्रा पर कीर्ति वर्धन सिंह बुधवार को म्यांमार पहुंचे। यह दौरा म्यांमार सरकार (जीओएम) के निमंत्रण पर हो रहा है और इसे भारत-म्यांमार संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उनकी यात्रा की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया था कि, सिंह 10 अप्रैल को नेपीडॉ में आयोजित म्यांमार के नए राष्ट्रपति के समारोह में भाग लेंगे और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी संभावना है, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय कूटनीति के दृष्टिकोण से भी अहम बन जाता है। 3 अप्रैल 2026 को म्यांमार की संसद ने सैन्य जुंटा प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग को देश का नया राष्ट्रपति चुना था।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। म्यांमार, भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टि से, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहयोग में इसकी भूमिका अहम मानी जाती है।

कीर्ति वर्धन सिंह की यह यात्रा भारत-म्यांमार संबंधों को नई गति देने और बहुआयामी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।