श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग 3 दिन बाद फिर खुला, यातायात बहाल

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श्रीनगर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीन दिनों की रुकावट के बाद गुरुवार को वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। पिछले तीन दिनों से जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में भूस्खलन के कारण यह राजमार्ग बंद था।

लगभग 300 किलोमीटर लंबा यह हाईवे सोमवार सुबह कई जगहों पर हुए भूस्खलन के कारण बंद हो गया था। हालांकि, मंगलवार सुबह कुछ घंटों के लिए हाईवे को फिर से खोला गया था, लेकिन दो बड़े भूस्खलन के कारण इसे दोबारा बंद करना पड़ा।

ट्रैफिक पुलिस ने रामबन के शलगढ़ी, बनिहाल, डिगडोल, खूनी नाला, करोल ब्रिज और चंदरकोट इलाकों में भूस्खलन से मलबा हटाने के बाद 900 से ज़्यादा गाड़ियों को आगे जाने दिया।

पुल, फ्लाईओवर और सुरंगों पर भारी निवेश के बावजूद, यह हाईवे अभी भी सिर्फ अच्छे मौसम में ही चलने लायक सड़क बनी हुई है। हालांकि, इस हाईवे पर श्रीनगर और जम्मू के बीच सफर का समय पहले के 10 से 12 घंटों से घटकर अब 5 घंटे रह गया है, लेकिन खराब मौसम के कारण इस हाईवे के बंद होने का खतरा अभी भी बना हुआ है।

इस हाईवे के रामसू से रामबन शहर वाले हिस्से में भारी बारिश होने से पत्थर गिरने या जमीन खिसकने की घटनाएं होती हैं, जिसके कारण सड़क को बंद करना पड़ता है। पेट्रोल, डीजल, कुकिंग गैस, मटन, पोल्ट्री उत्पाद और सब्जियों समेत सभी जरूरी सामान इसी हाईवे के रास्ते से घाटी तक पहुंचाए जाते हैं। हालांकि, जम्मू डिवीजन और घाटी के बीच रेल सेवा पूरी तरह से चालू है।

जम्मू डिवीजन के कटरा शहर और घाटी के बीच रेल सेवा का उद्घाटन पिछले साल 26 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

जब तक घाटी में जीवन की जरूरी चीजें पहुंचाने वाली और राष्ट्रीय बाजारों तक फल ले जाने वाली मालगाड़ियां नियमित रूप से नहीं चलाई जातीं, तब तक श्रीनगर-जम्मू हाईवे का मौसम पर निर्भर होना कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालता रहेगा।