गंगटोक, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। भरतीय सेना ने गुरुवार को सिक्किम के उत्तर सिक्किम क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क टूटने के बाद फंसे सभी 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि उत्तर सिक्किम के लाचेन इलाके में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए शुरू किया गया ‘ऑपरेशन हिम सेतु’ सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बावजूद 48 घंटे के भीतर फंसे लोगों को बिना किसी घटना के समन्वित और सुचारु तरीके से सुरक्षित निकाला गया।
अधिकारी के अनुसार, इस अभियान के दौरान कुल 1,321 पर्यटकों और 84 स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने बताया कि भूस्खलन से क्षतिग्रस्त लाचेन-चुंगथांग मार्ग पर फुटब्रिज बनाकर संपर्क बहाल किया गया, जिससे बाधित रास्तों के बीच सुरक्षित और लगातार निकासी संभव हो सकी।
मुख्य स्थानों पर राहत केंद्र बनाए गए, जहां लोगों को भोजन, ठहरने और चिकित्सा सुविधाएं दी गईं। जरूरतमंदों की मदद के लिए मेडिकल टीमें भी तैनात रहीं।
सेना के वाहनों ने कठिन इलाकों में फंसे नागरिक वाहनों को निकालने में भी मदद की।
भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बावजूद जवानों ने महत्वपूर्ण पहाड़ी दर्रों को खोलकर वैकल्पिक रास्ते सक्रिय किए, जिससे बचाव कार्य में तेजी आई।
यह अभियान इंडियन आर्मी के त्रिशक्ति कोर द्वारा ईस्टर्न कमांड के तहत चलाया गया, जिसमें सैनिकों ने लगातार जमीन पर मौजूद रहकर लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की।
प्रवक्ता के अनुसार, यह अभियान सिविल प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के साथ मिलकर चलाया गया, जिसने कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों में सड़क साफ करने, बर्फ हटाने और संपर्क बहाल करने का काम किया।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अस्थायी पुल और सुरक्षित मार्ग बनाकर कनेक्टिविटी बहाल की गई, जिससे खराब हालात के बावजूद निकासी का काम बिना रुके चलता रहा। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सिक्किम सरकार के एक अधिकारी ने भी पुष्टि की कि कई भूस्खलनों के कारण लाचेन और चुंगथांग के बीच सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जो भारत-चीन सीमा के पास का इलाका है।

