भारत-पुर्तगाल रिश्तों के 50 साल: नालंदा विश्वविद्यालय में कूटनीति, संस्कृति और सहयोग पर मंथन

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राजगीर, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत और पुर्तगाल के आधुनिक कूटनीतिक संबंधों के 50 वर्ष पूरा होने के मौके पर बिहार के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ‘भारत-पुर्तगाल संवादः कूटनीति, संस्कृति, भाषा एवं सतत भविष्य’ का आयोजन किया गया। इस संवाद कार्यक्रम में दोनों देशों के कई डिप्लोमेट्स, स्कॉलर्स और पालिसी एक्सपर्ट्स हिस्सा ले रहे हैं।

इस संवाद के पहले दिन, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज सहित भारत और पुर्तगाल से आए सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए शैक्षणिक सहयोग, शोध साझेदारी और विचारों के सतत आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने संस्थागत और सरकारी स्तर पर द्विपक्षीय सहयोग को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। अपने विशेष संबोधन में भारत में पुर्तगाल के राजदूत जोआओ मैनुअल मेंडेस रिबेरो डी अल्मेडा ने दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों को विस्तार से रखा। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि का उल्लेख किया।

राजदूत सिबी जॉर्ज ने भारत और यूरोप, विशेष रूप से पुर्तगाल के साथ गहरे सभ्यतागत संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राजनीतिक सहभागिता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में प्रगति तथा जन-से-जन संबंधों की गहराई का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को विशेष रूप से सबके समक्ष रखा। साथ ही, उन्होंने भारत-यूरोपीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, रक्षा सहयोग और साझा भविष्य दृष्टि का भी उल्लेख किया।

उद्घाटन सत्र में हिंदी-पुर्तगाली-हिंदी शब्दकोश (द्वितीय संस्करण) का विमोचन भी किया गया। संवाद के अंतर्गत चार विषयगत सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें भारत-यूरोपीय संघ संबंध, साझा इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत, सतत विकास एवं व्यापार संबंध तथा भाषाई सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

समापन सत्र में अपने विशेष वर्चुअल संबोधन में पुर्तगाल में भारत के राजदूत पुनीत आर. कुंडल ने नालंदा विश्वविद्यालय के संदर्भ में पुर्तगाल की विशिष्ट भूमिका को रेखांकित करते हुए इसे यूरोपीय संघ का एकमात्र हस्ताक्षरकर्ता देश बताया। उन्होंने प्रमुख समझौतों के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि का उल्लेख किया।

इस संवाद के दौरान, नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना द्वारा विदेश मंत्रालय की ‘पासपोर्ट सेवा – आपके द्वार’ पहल के अंतर्गत पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर का भी आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज तथा कुलपति ने संयुक्त रूप से किया। यह पहल विश्वविद्यालय समुदाय के लिए आवश्यक पासपोर्ट सेवाओं को सुलभ करेगा।