लखनऊ, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा का दौरा कर वहां हुए व्यापक आधुनिकीकरण और डिजिटल नवाचारों की सराहना की। लगभग 24 वर्षों बाद विधानसभा पहुंचे रक्षा मंत्री ने इसे परंपरा और आधुनिकता के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण बताया।
अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के दौरे पर आए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे, जहां विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। करीब 24 वर्षों के अंतराल के बाद विधानसभा का भ्रमण करने पहुंचे रक्षा मंत्री ने यहां किए गए नवाचारों, सुदृढ़ व्यवस्थाओं और आधुनिकीकरण कार्यों की खुलकर प्रशंसा की।
रक्षा मंत्री ने सबसे पहले डिजिटल गैलरी का अवलोकन किया, जहां उन्होंने विधानसभा के गौरवशाली इतिहास पर आधारित एक विशेष फिल्म देखी। इस फिल्म में प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपराओं, ऐतिहासिक निर्णयों और विधायी विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने इस पहल को युवा पीढ़ी के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे नवाचार विधायी कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने में सहायक होंगे।
इसके बाद उन्होंने विधानसभा परिसर में विकसित आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने हेलिकॉप्टर अनुभव, आधुनिक गलियारों और नवीन व्यवस्थाओं को देखा तथा उनके सुव्यवस्थित क्रियान्वयन की सराहना की। भ्रमण के दौरान उन्होंने समिति कक्ष, टंडन हॉल, सुसज्जित दर्शक दीर्घा, मंडप कक्ष और गैलरी में प्रदर्शित महापुरुषों के चित्रों का अवलोकन किया। साथ ही नवीनीकृत मीडिया कक्ष और ऐतिहासिक भित्ति चित्रों को भी देखा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि इन व्यवस्थाओं से विधानसभा की गरिमा और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने भव्य प्रवेश द्वार और पूरे परिसर के सुदृढ़ एवं आकर्षक स्वरूप की भी सराहना की। इस दौरान उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ एक डिजिटल आत्म-चित्र भी लिया, जो इस अवसर की स्मृति बन गया।
कार्यक्रम के अंत में रक्षा मंत्री को उत्तर प्रदेश विधानसभा में दिए गए महत्वपूर्ण भाषणों के संकलन पर आधारित एक विशेष पुस्तक भेंट की गई, जिसे उन्होंने उपयोगी बताते हुए सराहा। अंत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विधानसभा ने परंपरा और आधुनिकता के बीच उत्कृष्ट संतुलन स्थापित किया है और यह जनहितकारी विधायी कार्यों के लिए एक आदर्श मंच के रूप में विकसित हो रही है।

