नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकप्रिय सिंगर आशा भोसले के निधन से मनोरंजन के साथ ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। राजनेताओं ने रविवार को आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया और इसे संगीत जगत में अपूरणीय क्षति बताया।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “एक बेहद बहुमुखी और महान गायिका, आशा भोसले, अब हमारे बीच नहीं रहीं। यह हमारी फिल्म और संगीत जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने 14 से भी ज्यादा भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाए, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने किसी एक पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि कम से कम तीन पीढ़ियों के लिए गीत गाए। 1947 से लेकर 2022 तक गाना अपने आप में बहुत कुछ कहता है कि वह लोगों के दिलों पर राज करती थीं। सबसे बड़ी बात यह है कि वह सिर्फ संगीत नहीं बल्कि खेल के साथ भी जुड़ी थी। कई बार उनसे मिलने का अवसर मिला। वह बहुत बारीकी से खेल को समझती थीं। आशा ताई हमारे बीच नहीं रहीं, जो बहुत ही दुखद समाचार है। उनकी क्षति को शायद कभी कोई पूरा नहीं कर सकता।”
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “आशा ताई, जो संगीत की सबसे बड़ी साधिका और सुरों की मलिका थीं, जिन्होंने वर्षों तक न केवल भारतीय संगीत में, बल्कि वैश्विक संगीत जगत में भी अपना अमूल्य योगदान दिया, आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं। संगीत प्रेमियों के लिए यह एक बहुत बड़ी क्षति है। उनकी जो यादें और योगदान है, जो सुरीली आवाज है, वह हमेशा भारतवर्ष ही नहीं, दुनिया को याद रहेगी। वे अपनी संगीत से सभी को बांधकर रखेंगी। यह संगीतप्रेमियों के लिए बहुत कठिन समय है। पूरे विश्व को उनकी कमी आजीवन खलेगी।”
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आज हमने एक ऐसी हस्ती को खो दिया है, जिनकी सुरीली धुनें और आवाज हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत थीं, जिन्होंने दूर-दूर तक उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार किया। आशा भोसले आज हमारे बीच नहीं हैं, और यह एक अत्यंत पीड़ादायक क्षति है।”
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “आशा भोसले भले ही अब हमारे बीच न हों, लेकिन अपने गीतों के जरिए वह अमर रहेंगी। उन्होंने अपना जीवन एक शेरनी की तरह जिया। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम शिवाजी पार्क में किया जाएगा।”

