लखनऊ, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार ने विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने अधिकारियों को अभी से व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ने लगी है। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समय रहते तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांसफार्मरों के रखरखाव के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है और प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर फ्यूज एवं टेललेस यूनिट लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद यदि कहीं ट्रांसफार्मर फुंकते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गोयल ने अधूरे कार्यों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जहां परियोजनाएं समय से पीछे चल रही हैं, वहां संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही अधिकारियों और अवर अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होगी, इसलिए उसी के अनुरूप तैयारियां करनी होंगी। पर्याप्त संख्या में कर्मी उपलब्ध हैं, ऐसे में कहीं भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए और सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली मिलनी चाहिए।
राजधानी लखनऊ की व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यहां ट्रिपिंग की समस्या बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। ट्रांसफार्मरों के लिए “जीरो डैमेज नीति” लागू है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्युत दुर्घटनाओं के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है और किसी भी स्तर पर चूक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

