अमेरिका-ईरान में भारत को युद्धविराम करवाना चाहिए था, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश आगे क्यों : वारिस पठान

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मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) नेता वारिस पठान ने अमेरिका-ईरान में हुए सीजफायर को लेकर कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। लेकिन, भारत को विश्व गुरु की भूमिका निभाते हुए ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम करवाने का पहला कदम उठाना चाहिए था।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में वारिस पठान ने कहा कि हम युद्धविराम होने से बहुत खुश थे। हमें लगा कि कई बेकसूर लोगों की जान बच जाएगी और बुरी हालत में चल रही अर्थव्यवस्था भी स्थिर हो जाएगी। हमने सोचा था कि बातचीत से अच्छा नतीजा निकलेगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि 21 घंटे की बातचीत के बाद भी अगर युद्धविराम हुआ है तो यह अच्छी बात है, लेकिन हम चाहते थे कि भारत पहला कदम उठाए। भारत विश्व गुरु है। इसलिए ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में हमें युद्धविराम करवाना चाहिए था।

वारिस पठान ने तंज कसते हुए कहा कि एक ऐसा देश, जिसने हमेशा आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, वह युद्धविराम करवा रहा है और लोग उसके पास जा रहे हैं। यह सब भारत को करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आगे की स्थिति कूटनीतिक संबंधों पर निर्भर करेगी।

पठान ने मांग की कि भारत की अपनी विदेश नीति स्पष्ट और सख्त होनी चाहिए। एआईएमआईएम नेता ने प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा जी देश की बहुत जानी-मानी हस्ती थीं। दुनिया भर के लोग उनके गाने सुनते हैं। हम बचपन से उनके गाने सुनते आ रहे हैं। वह बहुत अच्छी और जमीन से जुड़ी इंसान थीं। एक बार एक कार्यक्रम में उनसे मुलाकात हुई थी, जहां आशा जी ने उनसे बहुत अच्छे तरीके से बात की थी।

उन्होंने कहा कि उनके निधन से पूरा बॉलीवुड सदमे में है। यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है। हम उनके सुपरहिट गाने हमेशा याद रखेंगे और उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। वारिस पठान ने आशा जी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और भगवान से प्रार्थना की कि उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।