भुवनेश्वर, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने रविवार को बताया कि भुवनेश्वर के क्षेत्रीय शिक्षा निदेशालय (आरडीई) ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त और पेशेवर कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से आंतरिक शिकायत समितियां (आईसीसी) गठित करें।
उच्च शिक्षण संस्थानों से यह भी कहा गया है कि वे सात दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करें। यह निर्देश राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पहले जारी किए गए निर्देशों की निरंतरता में आया है, जिसमें राज्य भर के शिक्षण संस्थानों को आईसीसी (आंतरिक शिकायत समिति) गठित करने का निर्देश दिया गया था।
आरडीई की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सरोज लक्ष्मी सिंह की ओर से 10 अप्रैल को जारी इस नवीनतम पत्र में संस्थानों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतों और समस्याओं को दूर करने के लिए सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप आईसीसी का गठन करें।
निदेशालय ने उन कॉलेजों से भी कहा है, जिन्होंने पहले ही समिति का गठन कर लिया है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित दस्तावेज जमा करें। निर्देश का अनुपालन न करने पर 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है या आवश्यकतानुसार कोई अन्य उचित कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश में कहा गया है कि इस पत्र का अनुपालन न करने की स्थिति में संस्थानों पर सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, या जो भी उचित समझा जाएगा, वैसी कोई भी उपयुक्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बता दें कि 2025 में उच्च शिक्षा विभाग ने कुलपतियों और कॉलेज प्राचार्यों को भी निर्देश दिया था कि वे आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के मानदंडों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें।
उच्च शिक्षण संस्थानों से आईसीसी सदस्यों का विवरण जमा करने, परिसर में प्रमुख स्थानों पर उनके नाम और संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने, और ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम’ के प्रावधानों के बारे में छात्रों और संकाय सदस्यों को जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए कहा गया था।

