जरूरत पड़ी तो बंगाल में ममता बनर्जी के लिए प्रचार करूंगा : तेजस्वी यादव

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पटना, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी चुनाव जीत रही हैं और बंगाल में अगली सरकार भी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ही बनेगी।

पटना में आईएएनएस से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी चुनाव जीतेंगी, हमें पूरा भरोसा है। हमारी पार्टी वहां पर टीएमसी का साथ देगी। जरूरत पड़ी तो मैं खुद बंगाल में ममता बनर्जी के लिए प्रचार करूंगा।

बिहार में नए मंत्रिमंडल विस्तार पर तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सीएम कोई भी बने, उसका रिमोट कंट्रोल गुजरात से ही चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यहां लोगों का कोई मुख्यमंत्री नहीं है। पिछले 20 सालों में इन्होंने बिहार को बर्बाद कर दिया है। पिछले दो महीनों से न तो कोई कैबिनेट बैठक हुई है और न ही कोई फैसला लिया गया है। प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है। भ्रष्टाचार बढ़ गया है, अपराध में वृद्धि हुई है और रोजगार नहीं है। चुनाव के दौरान किए गए वादों में से एक भी पूरा नहीं हो रहा है।

मंत्रियों के मुख्यमंत्री आवास पर बार-बार आने-जाने के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि कौन आ रहा है, कौन जा रहा है-इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारी चिंता सिर्फ बिहार की जनता और उनके मुद्दों की है। शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरियां, बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, कारखाने और किसानों की समस्याएं-ये हमारी मुख्य चिंताएं हैं। जो भी सरकार आएगी, वह जनता की सरकार नहीं होगी।

जदयू के समर्थकों द्वारा लगाए गए पोस्टरों समेत कई जगहों से कथित तौर पर हटाए गए सीएम नीतीश कुमार के पोस्टरों पर तेजस्वी यादव ने कहा कि अब इन्हें हर जगह से हटा दिया जाएगा।

तेजस्वी यादव ने कहा कि ये लोग भारतीय जनता पार्टी के हैं, और जो लोग जदयू के भीतर बैठकर भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं, ये वही लोग हैं। बिहार की जनता सब जानती है। हो सकता है वे बोलें नहीं लेकिन वे सब कुछ देखते और समझते हैं। समय आने पर सबको इसका जवाब मिल जाएगा।

छात्र राजद का नाम बदलने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘छात्र आरजेडी’ का नाम बदलकर ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राजनीतिक दल कैंपस या विश्वविद्यालयों में अपने नाम से काम नहीं कर सकते। इसलिए इस नए संगठन का गठन किया गया है।