तिरुवनंतपुरम, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। अंबेडकर जयंती पर मंगलवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने समाज में समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के समय में जातिगत भेदभाव के खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए डॉ. बीआर अंबेडकर को नमन करते हुए उन्हें एक महान व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन जातिभेद से मुक्त समाज बनाने के लिए समर्पित किया। अंबेडकर का सामाजिक असमानता के खिलाफ संघर्ष और उनके विचार आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
हालांकि, इस दौरान सीएम विजयन ने हाल के घटनाक्रमों पर गहरी चिंता भी जताई। खासतौर पर कन्नूर के अंचाराकंडी स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष के बीडीएस छात्र नितिन राज की संदिग्ध हालात में मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे बेहद दुखद बताया। तिरुवनंतपुरम के रहने वाले नितिन राज पर जातिगत उत्पीड़न का सामना करने का आरोप है, जिससे पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसी घटना, जो एक होनहार छात्र को इस स्थिति तक पहुंचा दे, माफ करने योग्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि शिक्षण संस्थानों में भी जातिगत भेदभाव के मामले सामने आना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या केरल की प्रगतिशील सोच कमजोर पड़ रही है।
उन्होंने कहा, “यह समय आत्ममंथन का है।” सीएम विजयन ने समाज से सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए लंबे समय से लंबित कानून (जिसे अक्सर ‘रोहित वेमुला एक्ट’ कहा जाता है) पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने से एक तरह का नियामकीय खालीपन पैदा हो गया है।
मुख्यमंत्री ने समाज से एकजुट होकर हर तरह के भेदभाव और नफरत के खिलाफ खड़े होने की अपील की और कहा कि अंबेडकर के आदर्शों को अपनाकर ही एक समान और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण किया जा सकता है।

