विदेश में भारतीय सैनिकों का साहस व सूझबूझ, आग में फंसे लोगों को बचाया

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नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। अपनी अंतरराष्ट्रीय तैनाती के अंतर्गत विदेश में तैनात भारतीय सेना ने एक बड़ा हादसा होने से बचा लिया। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के गोमा शहर में तैनात भारतीय सेना के संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों ने यहां आग लगने की एक बड़ी घटना में बेहद तेज और समझदारी से काम किया।

सेना के इस साहस व सूझबूझ से एक दर्जन से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकी। यह घटना यहां बुजोवी क्वार्टर इलाके में हुई, जहां एक घर में अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी यह आग कुछ ही समय में इतनी फैल गई कि पास के तीन और घर उसकी चपेट में आ गए।

घनी आबादी होने के कारण लोगों में घबराहट फैल गई और हालात बिगड़ने लगे। उधर जैसे ही बीएफआई–सीएचयू कैंप में मौजूद भारतीय रैपिड डिप्लॉयमेंट बटालियन के सैनिकों को इसकी जानकारी मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंच गए। सेना के मुताबिक वहां पहुंचकर भारतीय सैनिकों ने सबसे पहले पूरे इलाके को सुरक्षित किया ताकि कोई और व्यक्ति खतरे में न पड़े।

इसके बाद उन्होंने तेजी से घरों में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। यहां आग में फंसे लगभग 10 से 12 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसी दौरान सैनिकों की अग्निशमन टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया। वे घरों के अंदर जाकर यह भी देख रहे थे कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर फंसा तो नहीं है। इस दौरान करीब 6 से 7 लोग घायल अवस्था में मिले। इन सभी को अविलंब तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया ताकि उनकी स्थिति को संभाला जा सके।

भारतीय सैनिकों ने लावा साइट से आने वाली फायर ब्रिगेड टीम को रास्ता दिखाने का काम भी किया। यहां भारतीय सैनिकों ने फायर ब्रिगेड व अन्य लोगों के साथ तालमेल बनाकर काम करने में भी अहम भूमिका निभाई। इस बेहतर समन्वय की वजह से आग पर जल्दी काबू पा लिया गया और किसी बड़ी दुर्घटना से बचाव हो सका।

सबसे राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय शांति सैनिकों ने जिस तरह से तेजी, सूझबूझ और मानवीय भावना के साथ काम किया, वह सराहनीय है। यह दिखाता है कि भारतीय सेना सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मुश्किल समय में लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है।