तृणमूल ने चुनाव से पहले पार्टी नेताओं के चुनिंदा वाहनों की जांच का आरोप लगाया

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कोलकाता, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस क्रम में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर पश्चिम बंगाल चुनावों के लिए तैनात सभी फ्लाइंग सर्विलांस टीम (एफएसटी) को सभी टीएमसी नेताओं और उनके करीबी रिश्तेदारों के वाहनों की जांच करने के विशेष निर्देश जारी करने का आरोप लगाया।

वाहन जांच में तृणमूल के महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा नरूला बनर्जी भी शामिल हैं, हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इससे बाहर रखा गया है।

तृणमूल ने मंगलवार को ईसीआई द्वारा सभी एफएसटी को दिए गए एक व्हाट्सएप निर्देश का स्क्रीनशॉट जारी किया, जिसमें कहा गया था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छोड़कर सभी तृणमूल कांग्रेस नेताओं के वाहनों की जांच की जानी चाहिए।

स्क्रीनशॉट के अनुसार, चुनाव आयोग ने चिकित्सा और रक्तदान शिविरों की आड़ में धन की तस्करी की आशंका जताई है और तदनुसार टीएमसी नेताओं, राज्य मंत्रिमंडल सदस्यों और उनके रिश्तेदारों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, टीएमसी द्वारा मीडिया के एक हिस्से के साथ साझा किए गए व्हाट्सएप संदेश की प्रामाणिकता की आईएएनएस स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक, न तो चुनाव आयोग और न ही पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।

तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि चुनाव आयोग ने भाजपा द्वारा छेड़ी गई प्रतिशोध की राजनीति को संतुष्ट करने के लिए जानबूझकर ऐसे निर्देश दिए हैं।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी किए गए व्हाट्सएप संदेश के स्क्रीनशॉट की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे हैं। सबसे पहले, संदेश में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव का नाम अलग-अलग तरह से लिखा गया है। एक जगह इसे ‘अविसेक’ लिखा गया है, और दूसरी जगह ‘अभिषेक’ लिखा गया है।

इसके अलावा, व्हाट्सएप संदेश के स्क्रीनशॉट में संबंधित व्यक्ति का उपनाम नहीं दिया गया है, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या यहां तृणमूल कांग्रेस के महासचिव का जिक्र किया गया है या नहीं।