Saturday, June 20, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय भारत और जर्मनी जरूरी और नई तकनीक के साथ रक्षा में सहयोग...

भारत और जर्मनी जरूरी और नई तकनीक के साथ रक्षा में सहयोग बढ़ाने पर हुए सहमत

0
34

बर्लिन, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत सरकार के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और जर्मनी के विदेश मंत्रालय के राज्य सचिव डॉ. गेजा एंड्रियास वॉन गेयर ने 14 अप्रैल 2026 को बर्लिन में भारत-जर्मनी फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन (एफओसी) की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान, विक्रम मिस्री ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल से भी मुलाकात की।

ये मीटिंग भारत और जर्मनी के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष में आयोजित की गई। दरअसल इस साल, भारत और जर्मनी अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इससे पहले 2025 में रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने का भी उत्सव मनाया गया था।

सह-अध्यक्षों ने इस मौके पर भारत-जर्मनी कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के 75वें वर्षगांठ का लोगो भी लॉन्च किया। इस बातचीत से दोनों पक्षों को आपसी संबंधों की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के रास्ते तलाशने का मौका मिला।

बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत-जर्मनी के आपसी संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की, जिसमें व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, तकनीक, ग्रीन और सतत विकास, मोबिलिटी और लोगों के बीच बातचीत शामिल है।

वे आज के समय के जरूरी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने और उसमें विविधता लाने पर सहमत हुए, जिसमें जरूरी और उभरती तकनीक, रक्षा, औद्योगिक सहयोग, डिजिटल गवर्नेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, नवाचार और तीसरे देशों में विकास सहयोग शामिल हैं। दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित मुख्य क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

विदेश सचिव ने कोर्बर फाउंडेशन में वरिष्ठ विदेश नीति विशेषज्ञ, सांसदों और जर्मनी की फेडरल और राज्य सरकारों के सीनियर अधिकारियों से भी बातचीत की।

दोनों पक्षों के बीच बातचीत अच्छे और दोस्ताना माहौल में हुई। विदेश सचिव का यह दौरा जनवरी 2026 में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के बाद हुआ। मर्ज के इस दौरे से दोनों देशों के संबंधों को काफी बढ़ावा मिला। इस दौरे से जरूरी क्षेत्र में चल रहे सहयोग को आगे बढ़ाने और इस साल के आखिर में होने वाले अगले भारत-जर्मनी इंटर-गवर्नमेंटल कंसल्टेशन के लिए अच्छे नतीजे तलाशने में भी मदद मिली। विदेश सचिव मिस्री ने स्टेट सेक्रेटरी वॉन गेयर को आपसी सहमति वाले समय पर भारत आने का निमंत्रण दिया।