हिबी ईडन ने संविधान संशोधन बिल के विरोध को दिया नोटिस, कहा-दक्षिणी राज्यों को होगा नुकसान

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नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस सांसद हिबी ईडेन ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 के परिचय का विरोध करने की औपचारिक सूचना दी है।

लोकसभा के महासचिव को लिखे अपने पत्र में हिबी ईडन ने नियम 72 के तहत इस विधेयक को पेश किए जाने का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संविधान पर सीधा हमला है। यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 82 और 334ए में बदलाव कर उस व्यवस्था को खत्म करता है, जो परिसीमन को नवीनतम जनगणना से जोड़ती थी।

हिबी ईडन ने आरोप लगाया कि इस विधेयक के जरिए लोकसभा की सीटों को मनमाने तरीके से बढ़ाने और सीमाओं को फिर से तय करने की कोशिश की जा रही है। इससे केरल जैसे दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा और संघीय ढांचे का संतुलन हिंदी पट्टी के राज्यों के पक्ष में झुक जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस बिल का महिलाओं के आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि यह भाजपा की राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में परिसीमन लागू करने की कोशिश है ताकि जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों से बचा जा सके।

इसके अलावा, ईडन ने सरकार पर यह भी सवाल उठाया कि इस विधेयक में एंग्लो-इंडियनों के आरक्षण के मुद्दे को नजरअंदाज किया गया है, जिसे 104वें संविधान संशोधन के बाद समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संघवाद, निष्पक्ष प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए।

वहीं, डीएमके की सांसद और पार्टी की संसदीय नेता कनिमोझी करुणानिधि ने भी लोकसभा में तीन सरकारी विधेयकों के खिलाफ विरोध प्रस्ताव पेश करने की सूचना दी है। इनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 शामिल हैं।