नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि मौजूदा वैश्विक तनावों के बावजूद घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। ऑनलाइन बुकिंग के मुकाबले सप्लाई 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है और किसी भी गैस एजेंसी पर सिलेंडर खत्म होने की स्थिति (ड्राई-आउट) की कोई रिपोर्ट नहीं है।
मंत्रालय ने बयान में आगे कहा कि सरकार ने घरेलू एलपीजी, पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और वाहनों के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की है। उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिलने वाले डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के आधार पर डिलीवरी बढ़कर लगभग 92 प्रतिशत हो गई है, जिससे गैस की कालाबाजारी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगी है।
सरकार के मुताबिक, अब तक करीब 4.58 लाख नए पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं, जबकि मार्च से अब तक 5.1 लाख नए उपभोक्ताओं ने कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। 15 अप्रैल तक करीब 35,000 उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन वेबसाइट के जरिए अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी को अपनाया है।
कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल, बीज और कृषि सेक्टर को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडरों की सप्लाई को भी दोगुना कर दिया गया है।
साथ ही सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें। सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और गैस बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें, ताकि एजेंसी पर जाने की जरूरत न पड़े।
मंत्रालय ने आगे बताया कि 23 मार्च से अब तक करीब 15.5 लाख छोटे (5 किलो) एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। वहीं, बुधवार को 7,930 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी (करीब 4.17 लाख 19 किलो सिलेंडर) की बिक्री हुई। अप्रैल में पब्लिक सेक्टर कंपनियों की ऑटो एलपीजी बिक्री औसतन 286 मीट्रिक टन प्रतिदिन रही, जो फरवरी के 177 मीट्रिक टन से काफी ज्यादा है।
इस बीच, देश भर में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को 2,500 से ज्यादा छापे मारे गए। अब तक 238 गैस एजेंसियों पर जुर्माना लगाया गया है और 63 एजेंसियों का लाइसेंस सस्पेंड किया गया है।
सरकार ने लोगों से पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन चूल्हों जैसे वैकल्पिक ईंधन अपनाने और ऊर्जा बचाने की अपील की है। इसके अलावा, केरोसिन और कोयले की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके।
सरकार ने रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने, शहरी इलाकों में एलपीजी बुकिंग का अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन करने जैसे कई कदम उठाए हैं। कोयला मंत्रालय ने भी कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को अतिरिक्त कोयला सप्लाई करने का निर्देश दिया है, ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

