गौतमबुद्धनगर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। ‘सशक्त नारी, सशक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर में “नारी शक्ति वंदन अभियान” के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण वार्ता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज की प्रभावशाली और प्रतिष्ठित महिलाओं ने भाग लेकर “नारी शक्ति वंदन” विषय पर अपने विचार, अनुभव और सुझाव साझा किए।
1980 बैच की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी निवेदिता पी. हरन, आईबीए एसोसिएशन की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. खुशबू सिंह, एडवोकेट कविता नागर, लोकल कंप्लायंस कमेटी की सदस्य माला भंडारी तथा वेदिका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. सपना ने वार्ता को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की भूमिका समाज के हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समय की आवश्यकता है।
इस दौरान वक्ताओं ने ‘नारी वंदन अधिनियम, 2023’ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं के लिए भी उप-आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। हालांकि, यह व्यवस्था जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद लागू होगी।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी से नीतियां अधिक समावेशी और संतुलित बनेंगी। इससे समाज में लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ के माध्यम से महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह अभियान न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करेगा, बल्कि उन्हें नेतृत्व के अवसर भी प्रदान करेगा।
इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वी.एस., ओएसडी अर्चना द्विवेदी, गुंजा सिंह, तथा उपजिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा सहित कई अन्य अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

