बजट सत्र के समापन पर राज्यसभा की उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही

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नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि शनिवार को समाप्त हुए 270वें सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही और यह कुल 157 घंटे 40 मिनट तक चला।

उन्होंने सदस्यों को सूचित किया कि राज्यसभा के 270वें सत्र के समापन के साथ ही संसद का बजट सत्र समाप्त हो गया है।

राधाकृष्णन ने कहा कि सत्र के दौरान सदन में 117 प्रश्न उठाए गए, 446 शून्यकाल में प्रस्तुतियां हुईं और 207 विशेष उल्लेख किए गए।

संसद के तीनों सत्रों में बजट सत्र का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि यह न केवल तीनों सत्रों में सबसे लंबा होता है, बल्कि राष्ट्र के विकास पथ को निर्धारित करने में भी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि इस सत्र के दौरान स्वीकृत बजट आवंटन, अनुमोदित नीतियां और पुष्ट प्राथमिकताएं भारत के प्रत्येक नागरिक के जीवन पर सीधा प्रभाव डालती हैं।

सत्र का प्रारंभ राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के साथ हुआ, जो चार दिनों तक चली। इस दौरान सदन के 79 सदस्यों ने उत्साह और लगन के साथ भाग लिया। धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के उत्तर में प्रधानमंत्री के जवाब ने सदन के सदस्यों द्वारा उठाए गए अनेक मुद्दों को स्पष्टता और संदर्भ प्रदान किया।

केंद्रीय बजट 2026-27 पर हुई चर्चा भी उतनी ही गहन और व्यापक रही। चार दिनों तक चली इस चर्चा में 97 सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा, सदन में सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।

अध्यक्ष ने बताया कि इस सत्र में 50 निजी सदस्य विधेयक पेश किए गए।

उन्होंने यह भी बताया कि इस सत्र में हरिवंश नारायण सिंह जी तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए।

प्रमुख घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा के अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और देश को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में आने वाली चुनौतियों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए बयान दिया।