कोलकाता, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय सेना की पूर्वी कमांड ने अपने वार्षिक कार्य सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन का नाम संरचना मंथन 2026-27 रखा गया था। यह सम्मेलन कोलकाता के विजय दुर्ग में आयोजित हुआ। सम्मेलन में सेना के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में पूर्वी कमांड की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया।
सम्मेलन में हुई चर्चाओं का मुख्य केंद्र पैसों का सही और कुशल इस्तेमाल रहा। साथ ही आधुनिक निर्माण तकनीकों को अपनाने और परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने पर भी बातचीत हुई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सैनिकों की परिचालन तैयारी बढ़ाना और उनके कल्याण में सुधार लाना है।
इस सम्मेलन ने क्षेत्रीय मुख्य इंजीनियरों और विभिन्न फॉर्मेशनों के अधिकारियों को अपने विचार साझा करने का अच्छा मंच प्रदान किया। सभी ने मिलकर पूर्वी क्षेत्र में मजबूत, मिशन के लिए तैयार और भविष्य की चुनौतियों से निपटने वाले बुनियादी ढांचे को विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सम्मेलन में अधिकारियों ने बताया कि सेना के बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें निर्माण कार्यों में नई तकनीकों का इस्तेमाल, समय पर परियोजनाओं को पूरा करना और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग शामिल है। इससे सैनिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और वे किसी भी स्थिति में प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे।
पूर्वी कमांड के क्षेत्र में पहाड़ी इलाके, सीमा क्षेत्र और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जगहें शामिल हैं। इसलिए यहां मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना बहुत जरूरी है। सम्मेलन में अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य में होने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए ढांचागत विकास को प्राथमिकता दी जाए।
सम्मेलन के दौरान सैनिकों के कल्याण को भी विशेष महत्व दिया गया। चर्चा में यह बात आई कि बेहतर आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र बनाकर सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखा जा सकता है। साथ ही निर्माण कार्यों में पर्यावरण का ध्यान रखने और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।

