नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स (आरआर) ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से 14 करोड़ रुपए में ट्रेड किया। इस डील में संजू सैमसन को सैम करन (2.4 करोड़ रुपए) और रवींद्र जडेजा के बदले राजस्थान रॉयल्स से सीएसके भेजा गया। हालांकि, बाद में सैम करन के चोटिल होने की वजह से उन्हें दासुन शनाका से रिप्लेस कर दिया गया।
रवींद्र जडेजा इस सीजन 6 मुकाबलों में 5 विकेट लेने के अलावा, 85 रन भी टीम के खाते में जोड़ चुके हैं। रवींद्र जडेजा इस सीजन के पहले ही मैच में अपनी पुरानी टीम के खिलाफ उतरे। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के विरुद्ध 18 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ 2 ओवरों में 25 रन लुटाए, लेकिन कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। इसके अलावा, नाबाद 7 रन की पारी भी खेली। टीम ने यह दोनों ही मैच अपने नाम किए।
मुंबई इंडियंस के विरुद्ध मुकाबले में रवींद्र जडेजा को न तो बल्लेबाजी का मौका मिला, न ही गेंदबाजी कर सके। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ जड्डू ने 2 ओवरों में महज 14 रन देकर 1 विकेट हासिल किया, जिसके बाद बल्ले से 25 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाकर टीम को 6 विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
13 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रवींद्र जडेजा को गेंदबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन जब बल्लेबाजी का मौका मिला, तो शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की हार के अंतर को कम कर दिया। इस मैच में आरआर 217 रनों का पीछा करते हुए महज 9 रन पर 5 विकेट खो चुकी थी। यहां से जडेजा ने डोनोवन फरेरा के साथ छठे विकेट के लिए 72 गेंदों में 118 रन की साझेदारी की।
एक समय राजस्थान रॉयल्स के लिए 100 रन का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल नजर आ रहा था, लेकिन जडेजा (32 गेंदों में 45 रन) और फरेरा (44 गेंदों में 69 रन) ने हार के अंतर को कम कर दिया।
19 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ एक बार फिर जडेजा ने अपनी शानदार गेंदबाजी से फैंस का दिल जीता। बल्ले से 9 रन का योगदान देने के बाद जड्डू ने 3 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें महज 8 रन देकर 2 विकेट निकाले, लेकिन केकेआर ने दो गेंदें शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
राजस्थान रॉयल्स की टीम में जडेजा तीनों विभागों में खास योगदान दे सकते हैं। वह मध्यक्रम में तेज रन बनाकर पारी संभाल सकते हैं और मुश्किल समय में साझेदारी कर सकते हैं। उनकी स्पिन गेंदबाजी मिडिल ओवर्स में विकेट दिला सकती है और विपक्षी टीम की रन गति को रोक सकती है। शानदार फील्डिंग से वह अतिरिक्त रन बचाते हैं और कैच/रनआउट के मौके बनाते हैं। उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में भी मददगार साबित होगा।

