तेलंगाना: सीएम रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम मंदिर के विकास कार्यों की आधारशिला रखी

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हैदराबाद, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को जयशंकर भूपालपल्ली जिले के कालेश्वरम में श्री कालेश्वर मुक्तेश्वर मंदिर के विकास कार्यों की आधारशिला रखी।

मंदिर के विकास कार्यों पर 198 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अलावा, सीएम ने कालेश्वरम बस स्टेशन के लिए भूमि पूजन किया।

इस मौके पर मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, दुद्दिल्ला श्रीधर बाबू, पोन्नम प्रभाकर, अड्लूरी लक्ष्मण कुमार, सांसद गद्दम वामशी कृष्णा और अन्य लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री रेड्डी ने पिछले साल मई में घोषणा की थी कि राज्य सरकार कालेश्वरम मंदिर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित करेगी। उन्होंने ‘ग्रीन चैनल’ के जरिए फंड जारी करने का वादा किया था।

सीएम रेड्डी सोमवार को हैदराबाद से हेलीकॉप्टर से कालेश्वरम पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना करने और मंदिर के विकास कार्यों के भूमि पूजन समारोह में शामिल होने के बाद अन्नाराम बैराज का दौरा किया, जो कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री के साथ सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी, राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) के अध्यक्ष अनिल जैन और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

सीएम रेड्डी ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर, मेदिगड्डा बैराज के पियर 20, 21 और 22 पर बोर रिग्स का उपयोग करके किए जा रहे भू-तकनीकी, भू-भौतिकीय और जीपीआर सर्वेक्षण, समेत नमूना संग्रह गतिविधियों का निरीक्षण किया।

सरकार की योजना 520 बोर रिग्स का उपयोग करके नमूने एकत्र करने और उन्हें केंद्रीय जल और विद्युत अनुसंधान केंद्र (सीडब्‍ल्‍यूपीआरएस) भेजने की है।

वहां प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद, बैराज को हुए नुकसान की सीमा के बारे में पूरी जानकारी मिलने की उम्मीद है।

मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने पिछले हफ्ते कहा था कि मुख्यमंत्री रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार, कालेश्वरम परियोजना का हिस्सा रहे तीन बैराजों की मरम्मत और जीर्णोद्धार का कार्य वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से करेगी। उन्होंने 17 अप्रैल को दिल्ली में एनडीएसए के चेयरमैन अनिल जैन से मुलाकात की और मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिला बैराजों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए राज्य सरकार की कार्ययोजना पर चर्चा की।

मंत्री ने उन एहतियाती उपायों के बारे में बताया जो सरकार पिछली गलतियों को दोहराने से रोकने के लिए उठा रही है।

एनडीएसए के चेयरमैन ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि विशेषज्ञों की देखरेख में इस समय जिस तरह से व्यापक परीक्षण किए जा रहे हैं, वह तरीका संतोषजनक है।