बीजिंग, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। कोरियाई युद्ध में शहीद हुए चीनी जन स्वयंसेवी सैनिकों का 13वां बैच बुधवार सुबह स्वदेश लौट आया। चीनी वायुसेना के वाई-20बी परिवहन विमान से इन शहीदों के अवशेष दक्षिण कोरिया से पूर्वोत्तर चीन के ल्याओनिंग प्रांत की राजधानी शनयांग पहुंचाए गए। इस बार 12 शहीद सैनिकों के अवशेष और 146 व्यक्तिगत वस्तुएं वापस लाई गईं।
बुधवार सुबह दक्षिण कोरिया के इंचियोन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चीन और दक्षिण कोरिया के बीच एक औपचारिक हस्तांतरण समारोह आयोजित किया गया। सुबह लगभग 9 बजकर 50 मिनट पर वाई-20बी विमान ने उड़ान भरी। चीनी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही चार जे-20 लड़ाकू विमानों ने उसका एस्कॉर्ट किया और आकाश में शहीदों को सलामी दी। सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर विमान शनयांग थाओश्यान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, जहां ‘वाटर सैल्यूट’ के साथ उसका स्वागत किया गया।
इसके बाद सुबह 11 बजकर 53 मिनट पर स्वागत समारोह शुरू हुआ। चीनी सैनिकों की उपस्थिति में सशस्त्र बलों के जवानों ने शहीदों के ताबूतों को पांच सितारा लाल झंडे में लपेटकर विमान से बाहर निकाला। मौके पर मौजूद सभी लोगों ने शहीदों को तीन बार श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस समारोह में 1,800 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इनमें कोरियाई युद्ध के दिग्गज, शहीदों के परिजन, वीर सैन्य इकाइयों के सैनिक, शनचो-20 अंतरिक्ष दल के सदस्य, ओलंपिक खिलाड़ी, हांगकांग, मकाओ और थाईवान के शिक्षक व छात्र, तथा युवा प्रतिनिधि शामिल थे।
समारोह के बाद शहीदों के ताबूतों को शनयांग स्थित कोरियाई युद्ध शहीदों के कब्रिस्तान में ले जाया गया। 23 अप्रैल को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 से अब तक चीन और दक्षिण कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के तहत 13 चरणों में कुल 1,023 कोरियाई युद्ध शहीदों के अवशेषों का हस्तांतरण किया है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

