जापान के सम्राट ने राजदूत नगमा एम. मलिक का परिचय-पत्र स्वीकार किया, भारत-जापान संबंधों में नई मजबूती

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नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। जापान के सम्राट ने गुरुवार को एक समारोह में भारत की नई राजदूत नगमा एम. मलिक के परिचय-पत्र स्वीकार किए। यह अवसर भारत और जापान के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

जापान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया, ”जापान के सम्राट ने टोक्यो स्थित इंपीरियल पैलेस में आयोजित एक औपचारिक समारोह में जापान में भारत की असाधारण और पूर्ण-अधिकार प्राप्त राजदूत के रूप में राजदूत नगमा एम. मलिक के परिचय-पत्र स्वीकार किए।”

‘परिचय पत्र स्वीकार होना’ एक औपचारिक मंजूरी है जो राजदूत को मेजबान देश में आधिकारिक रूप से कार्य करने का अधिकार देती है। इसे स्वीकार करने के बाद राजदूत पूरी कूटनीतिक जिम्मेदारियों के साथ काम शुरू कर सकती है।

परिचय पत्र स्वीकार होने के साथ ही राजदूत नगमा एम. मलिक आधिकारिक रूप से अपने दायित्वों की शुरुआत करेंगी। नगमा मलिक पिछले साल अक्टूबर में जापान में नियुक्त होने से पहले पोलैंड गणराज्य में भारत की राजदूत रही थीं।

नगमा मलिक ने नेपाल और श्रीलंका में भारत के राजनयिक मिशनों में क्रमशः प्रथम सचिव और काउंसलर के रूप में कार्य किया है।

नगमा मलिक अक्टूबर 2012 से नवंबर 2015 तक ट्यूनीशिया गणराज्य में भारत की राजदूत थीं। इसके बाद दिसंबर 2015 से दिसंबर 2018 तक नगमा ने ब्रुनेई, दारुस्सलाम में भारत की उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया है।

इसके अलावा, भारत सरकार में विभिन्न पदों पर नई दिल्ली में भी नगमा मल‍िक ने कार्य क‍िया है। उन्होंने अपनी शुरुआत विदेश मंत्रालय के पश्चिम यूरोप प्रभाग में डेस्क अधिकारी के रूप में की और फिर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में प्रधानमंत्री आईके गुजराल के निजी स्टाफ में काम किया।

नगमा का जन्म नई दिल्ली में हुआ था और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने से पहले सेंट स्टीफंस कॉलेज और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई की थी।