भोपाल, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को भाजपा के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अनाज बेचने के इच्छुक किसानों के लिए जानबूझकर बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया।
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में राज्य को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 1 करोड़ टन गेहूं खरीदने की अनुमति दिए जाने के बाद यह बयान सामने आया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में कमलनाथ ने आरोप लगाया कि सरकार ने शुरुआत में बोरी (गन्नी बैग) की कमी का हवाला देते हुए खरीद प्रक्रिया लगभग एक महीने तक टाल दी।
उन्होंने कहा कि इससे छोटे किसानों को मजबूरी में अपना गेहूं बिचौलियों को कम कीमत पर बेचना पड़ा।
जब खरीद प्रक्रिया शुरू हुई, तो उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सैटेलाइट सर्वे के आधार पर छोटे किसानों की स्लॉट बुकिंग खारिज कर दी, जिससे किसान उलझन में पड़ गए कि खेतों में फसल दिखाई देने के बावजूद उनकी उपज क्यों नहीं खरीदी जा रही है।
कमलनाथ ने यह भी कहा कि किसानों को स्लॉट बुकिंग में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने एक और भेदभावपूर्ण व्यवस्था लागू की है, जिसमें पहले 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, उसके बाद मध्यम और बड़े किसानों का।
उनके अनुसार, यह एक सोची-समझी रणनीति है, क्योंकि कई छोटे किसान पहले ही अपना अनाज बिचौलियों को बेच चुके हैं, जिससे कुल खरीद की मात्रा कम हो जाएगी।
आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कमलनाथ ने कहा कि 23 अप्रैल तक 19 लाख किसानों ने एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया, लेकिन उनमें से केवल करीब 7 लाख ही स्लॉट बुक कर पाए।
उन्होंने इसे कुप्रबंधन का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह खरीद को जानबूझकर कम करने की कोशिश है।
उन्होंने सरकार के 1 करोड़ टन गेहूं खरीद लक्ष्य पर भी सवाल उठाते हुए इसे दिखावा बताया। उन्होंने कहा कि पिछले साल मध्य प्रदेश में 2.45 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हुआ था और इस साल इससे ज्यादा उत्पादन का दावा किया जा रहा है।
कमलनाथ ने सरकार से मांग की कि स्लॉट बुकिंग और सैटेलाइट सर्वे से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए, किसानों से अधिकतम खरीद सुनिश्चित की जाए और 2,700 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी देने के वादे को पूरा न कर पाने के लिए माफी मांगी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसान सरकार की चालों को समझ चुके हैं और ऐसी नीतियों के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।
वहीं, शुक्रवार को एक संबोधन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अब गेहूं खरीद प्रक्रिया सप्ताह में छह दिन चलेगी और शनिवार को कोई अवकाश नहीं रहेगा।
निर्धारित केंद्रों पर एमएसपी पर गेहूं की खरीद बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। इसके अलावा, स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है, जो पहले 30 अप्रैल तक थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”जरूरत पड़ने पर इस अवधि को और बढ़ाया जा सकता है। हमारी सरकार का दृढ़ संकल्प है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ खड़ी है।”

