भारतदुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में बोले संघ प्रमुख, शक्ति के बिना कुछ नहीं होता

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नागपुर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतदुर्गा मंदिर के शिलान्यास के दौरान नागपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत को भारत की पूजा करनी है तो भारत बनना पड़ेगा, भारत को जानना पड़ेगा और भारत को मानना पड़ेगा।

मोहन भागवत ने कहा कि शक्ति के बिना कुछ नहीं होता है। सत्य को भी शक्ति का सहारा लेकर ही दुनिया में प्रचलित करना पड़ता है। एक भारतवर्ष ऐसा है, जिसमें सत्य को सत्य के मूल में ग्रहण करते हैं, शक्ति की आवश्यकता रहती नहीं, बाकी दुनिया तो जिसकी लाठी उसकी भैंस मानने वाली है।

संघ प्रमुख ने कहा कि मंदिर हो गया है, होगा और उसकी व्यवस्था भी बनेगी। यहां रोज पूजा अर्चना होगी, विधिवत होगी और हम लोग भी आते रहेंगे। भारत में दुर्गा की पूजा केवल मंदिर के पुजारी एवं व्यवस्थापक करेंगे, वह पूजा हम सबको करनी पड़ेगी।

आरएसएस प्रमुख ने संबोधन में कहा कि भारत को दुर्गा की पूजा करनी है, तो भारत बनना पड़ेगा। भारत को भारत की पूजा करनी है तो भारत बनना पड़ेगा; भारत को जानना पड़ेगा; भारत को मानना पड़ेगा। अंग्रेजों की डेढ़ सौ साल की गुलामी के पश्चात हमारे मन, बुद्धि पर पश्चिमी लेप चढ़ गया है। उसको उतार कर वहां जाना पड़ेगा। हमको रोजमर्रा की कृति से लेकर राष्ट्रीय मामलों के विचार करने तक, हम सबको भारत होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि हमें निर्भय होना पड़ेगा। अभी देखेंगे तो पता नहीं चलता भारत विश्व गुरु होने वाला है। क्या ऐसी दुनिया की अवस्था है? अपनी भी अवस्था पक्की होने की है। अभी चल रहा है, होगा कि नहीं होगा ऐसा लगता है। दुविधा से मुक्त होना होगा कि नहीं होगा। ऐसी दुविधा राम मंदिर के समय भी चली थी।

संघ प्रमुख ने कहा कि आज विचार कीजिए दुनिया की जो स्थिति है, उसमें अगर भारत का रास्ता दुनिया ने नहीं लिया तो भविष्य है क्या? जो अनिवार्य है, उसके बारे में शंका मत रखना। क्या होगा, कैसे होगा, इस दुविधा में नहीं पड़ना। मुझे जो करना है, एक-एक कदम मैं बढ़ाऊं। संतों के मुख से जो घोषणा हुई है, भारत विश्व गुरु बनेगा, भारत का जो-जो खो गया है, वह वापस आ जाएगा। भारत शक्ति संपन्न बनेगा, शील संपन्न बनेगा।