बांसुरी स्वराज ने केजरीवाल पर लगाया ‘दोहरे मानदंड’ का आरोप, कहा- ‘आप’ में दिख रहा है ‘वैचारिक दिवालियापन’

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नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद बांसुरी स्वराज ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) और उसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘आप’ प्रमुख की आलोचना करते हुए कहा कि वे लोगों से तो सादगीपूर्ण जीवन का वादा करते हैं, लेकिन खुद एक आलीशान जीवनशैली अपनाकर ‘दोहरे मापदंड’ अपना रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ‘आप’ में अब ‘वैचारिक दिवालियापन’ साफ दिखाई दे रहा है, क्योंकि इसके कुछ संस्थापक सदस्यों ने अब पार्टी छोड़ दी है।

‘आप’ के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए, स्वराज ने कहा कि जहां ‘आप’ ने शुरू में खुद को एक राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया था, वहीं बाद में यह ‘नई बोतल में पुरानी शराब’ साबित हुई।

उन्होंने कहा, “वे अन्ना हजारे आंदोलन से उभरे थे, लेकिन बाद में उन्होंने अन्ना हजारे को भी धोखा दिया।”

‘आप’ छोड़ने वाले सात सांसदों के बारे में स्वराज ने कहा, “उन्होंने पार्टी की ‘महिला-विरोधी’ राजनीति, दोहरे मापदंडों, धोखे और झूठ को नकार दिया है।”

उन्होंने जिक्र किया कि ‘आप’ का ‘आम आदमी होने का नाटक’ दिल्ली में नहीं चला, यही वजह है कि लोगों ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया।

केजरीवाल पर ‘नकाब’ पहनने का आरोप लगाते हुए, स्वराज ने उनसे अपनी असलियत जनता के सामने रखने को कहा।

केजरीवाल के कुख्यात मफलर पर तंज कसते हुए भाजपा नेता ने कहा, “उन्हें चुनाव से ठीक पहले ही खाँसी आने लगती है।”

स्वराज ने आगे कहा, “वे (केजरीवाल) एक आम आदमी की तरह कपड़े पहनते हैं, लेकिन वह पहनावा लोगों को धोखा देने का एक जरिया है।”

‘आप’ प्रमुख पर ‘शीश महल’ के आरोपों को दोहराते हुए, भाजपा नेता ने कहा, “कोविड-19 के दौरान, जब लोगों को अपने मुख्यमंत्री (अरविंद केजरीवाल) की सबसे ज्यादा जरुरत थी, तब वे लोगों के पैसे से अपना ‘शीश महल’ बनवाने में व्यस्त थे।”

भाजपा सांसद स्वराज ने आरोप लगाया कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव हारने के बाद, केजरीवाल पंजाब गए और ‘आलीशान जीवनशैली जीने के लिए सरकारी फंड का दुरुपयोग किया।’

उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया कोई भी हेलीकॉप्टर, विमान या इसी तरह की सुविधा सरकारी कामों के लिए होती है, खासकर किसी राज्य के मुख्यमंत्री के लिए। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के करदाताओं के पैसे पर ऐसी सरकारी सुविधाओं का इस्तेमाल यात्रा के लिए किया, और कभी-कभी इसे चुनावी प्रचार बताकर सही ठहराया।”

उन्होंने यह भी कहा, “विधायक या मुख्यमंत्री न होने के बावजूद, वे (केजरीवाल) अपने एक पूर्व राज्यसभा सांसद के सरकारी आवास में रुके।”

स्वराज ने जोर देकर कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से वादा किया था कि वे कभी भी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करेंगे और न ही सरकार द्वारा दिए गए सरकारी आवास में रहेंगे, लेकिन उन्होंने ये दोनों ही काम किए। केजरीवाल ने सरकार और टैक्स देने वालों के पैसे का गलत इस्तेमाल करके ‘शीश महल’ बनवाया।

स्वराज ने कहा, “मुद्दा आलीशान जिंदगी जीने का नहीं है, बल्कि दोहरे मापदंडों का है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ के नेतृत्व को अपने नेताओं के बड़े पैमाने पर इस्तीफों के मामले में ‘आत्म-मंथन’ करना चाहिए।