बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से सीमा पर सख्ती, बिना बाड़ वाले इलाकों में बढ़ी निगरानी

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कोलकाता, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के बाद पश्चिम बंगाल के उन जिलों में बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिना बाड़ वाले हिस्सों पर विशेष जांच की जा रही है, जहां 29 अप्रैल को राज्य के दो-चरणों वाले विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में मतदान होगा।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि चुनावों से पहले बिना बाड़ वाली सीमाओं के पास विशेष जांच की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) हाई अलर्ट पर है। इन इलाकों में नाका चेकिंग भी बहुत सघन है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी सावधानियां बरती गई हैं।

उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में मतदान के लिए जाने वाले विधानसभा क्षेत्रों की संख्या, भौगोलिक विस्तार और मतदान केंद्रों की संख्या 23 अप्रैल को हुए पहले चरण की तुलना में कम है, इसलिए दूसरे चरण में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था अधिक कड़ी होगी।

पहले चरण में 16 जिलों में फैले 152 विधानसभा क्षेत्रों के 45,000 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ था। दूसरे चरण में छह जिलों और कोलकाता में फैले 142 विधानसभा क्षेत्रों के 40,000 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।

इसके अलावा, दूसरे चरण में पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या 95 है, जो पहले चरण में तैनात 84 पर्यवेक्षकों से 11 अधिक है।

सीईओ ने कहा कि इसलिए स्वाभाविक रूप से दूसरे चरण में सुरक्षा कवरेज और निगरानी का दायरा पहले चरण की तुलना में अधिक होगा।

दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवानों के अलावा केंद्रीय बलों की कुल 2,348 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस इकाइयां शामिल हैं।

केंद्रीय बलों की सबसे अधिक तैनाती उत्तर 24 परगना जिले में होगी, जहां 507 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इसके बाद दक्षिण 24 परगना का स्थान है, जहां 409 कंपनियां तैनात होंगी।

इस बीच सीईओ के दफ्तर के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि बांग्लादेश के साथ लंबी तटीय सीमा होने के कारण, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में फैले सुंदरबन क्षेत्र में तटीय गश्त बढ़ा दी गई है।