महाराष्ट्र परिषद चुनाव के लिए एमवीए की तरफ से अंबादास दानवे होंगे उम्मीदवार

0
3

मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवार को लेकर कई हफ्तों से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने बुधवार को अंबादास दानवे को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया।

इसकी जानकारी विधायक आदित्य ठाकरे ने दी। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर खुद चुनाव लड़ने का काफी दबाव था, लेकिन अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाने का अंतिम फैसला स्वयं उद्धव ठाकरे ने लिया।

आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों से कहा, ”अंबादास दानवे महा विकास अघाड़ी के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे। यह फैसला शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने लिया है।”

इससे पहले महा विकास अघाड़ी के सहयोगी दल चाहते थे कि उद्धव ठाकरे खुद इस सीट से चुनाव लड़ें। खासतौर पर एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने सार्वजनिक रूप से उद्धव ठाकरे से विधान परिषद में एमवीए का प्रतिनिधित्व करने की अपील की थी। वहीं, कांग्रेस ने भी उद्धव ठाकरे के नामांकन को समर्थन देने की घोषणा की थी।

हालांकि, इन सुझावों को दरकिनार करते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने अंबादास दानवे के नाम पर ही मुहर लगाई। दानवे पहले विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं।

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंबादास दानवे के नाम की पुष्टि की। राउत ने बताया कि अंबादास दानवे गुरुवार को सुबह 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।

शिवसेना (यूबीटी) ने इस सीट के लिए दानवे को एमवीए का चेहरा बनाया है। अब राजनीतिक नजरें कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

गुरुवार नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। ऐसे में अगले 24 घंटे महाराष्ट्र की राजनीति में यह देखना अहम होगा कि सहयोगी दल नामांकन प्रक्रिया के दौरान दानवे को एकजुट और सक्रिय समर्थन देते हैं या नहीं।

महा विकास अघाड़ी के पास कुल 46 विधायक हैं। इनमें शिवसेना (यूबीटी) के 20, एनसीपी (एसपी) के 10 और कांग्रेस के 16 विधायक शामिल हैं।

शिवसेना (यूबीटी) ने अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाने की घोषणा ऐसे समय की है, जब एक दिन पहले ही भाजपा ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपने पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। राज्य की 9 सीटों के लिए 12 मई को मतदान होना है। इसके अलावा एक अन्य सीट पर भी चुनाव होगा, जहां भाजपा ने प्रज्ञा सातव को उम्मीदवार बनाया है। प्रज्ञा सातव ने दिसंबर 2025 में कांग्रेस छोड़कर और विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन की थी।