Tuesday, June 23, 2026
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इकबाल मिर्ची की अतिरिक्त संपत्तियों को अटैच करने के लिए ईडी को कोर्ट से मिली मंजूरी

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नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। धन शोधन निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को दिवंगत अंडरवर्ल्ड डॉन इकबाल मिर्ची और उनके परिवार से जुड़ी अतिरिक्त संपत्तियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत अटैच करने की अनुमति दे दी है।

बुधवार को दिए गए आदेश में अदालत ने ईडी को एफईओ अधिनियम की धारा 5(1) के तहत परिशिष्ट ‘सी’ में सूचीबद्ध संपत्तियों को अटैच करने की मंजूरी दी। इसके साथ ही अदालत ने धारा 13 के तहत एक अतिरिक्त आवेदन दाखिल करने की भी अनुमति दी, ताकि जांच के दौरान सामने आई नई संपत्तियों को भी शामिल किया जा सके।

यह आवेदन मुंबई ईडी द्वारा दायर किया गया था, जिसमें कहा गया कि ये संपत्तियां आगे की जांच के दौरान सामने आई हैं और पहले से चल रही पीएमएलए कार्रवाई का हिस्सा हैं।

इनमें मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित तीन प्रमुख भूखंड शामिल हैं, रबिया मैन्शन, मरियम लॉज और सी व्यू’ जो लगभग 4,970.41 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले हैं। इसके अलावा दुबई में स्थित होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट और 14 रियल एस्टेट यूनिट्स भी शामिल हैं।

ईडी का दावा है कि ये संपत्तियां इकबाल मिर्ची (इकबाल मेमन) द्वारा अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थीं और इन्हें मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट तथा परिवार के सदस्यों ‘आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन’ के जरिए छिपाया गया था।

एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपियों को फरवरी 2021 में ही भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है और उनकी भारत व विदेश की संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश पहले से जारी हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि मिर्ची ने 1986 में अपनी कंपनी के जरिए वर्ली की संपत्तियां 6.5 लाख रुपए में खरीदी थीं और बाद में ट्रस्ट व फर्जी किरायेदारों के जरिए असली मालिकाना हक छिपाने की कोशिश की गई।

अदालत ने ईडी की अर्जी स्वीकार करते हुए कहा कि कानून के अनुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है।