नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। स्पेन के विदेश मंत्रालय ने यरुशलम में एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की। साथ ही इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की बात कही।
स्पेन के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ”स्पेन की सरकार यरुशलम में एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हुए गंभीर हमले की कड़ी निंदा करती है। स्पेन पीड़ित के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करता है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है। इस अपराध के दोषी को अवश्य ही न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”
पोस्ट में लिखा, ”इजरायल को उपासना की स्वतंत्रता की गारंटी देनी चाहिए, यरुशलम में यथास्थिति का सम्मान करना चाहिए और हिंसा की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।”
वहीं, इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इसे ‘शर्मनाक कृत्य’ बताते हुए इसकी निंदा की है। घटना माउंट सियोन की है। जो यहूदी लोगों द्वारा राजा डेविड की कब्र के रूप में पूजनीय स्थल और सिनेकल के पास स्थित है, जिसे ईसाई पारंपरिक रूप से अंतिम भोज का स्थल मानते हैं।
घटना के अनुसार, वायरल वीडियो में एक व्यक्ति सड़क पर चल रही नन के पीछे से दौड़कर आया और उसे धक्का दे दिया। धक्का लगते ही नन गिर पड़ी; गनीमत रही कि उसका सिर पास ही बने सीमेंट के ब्लॉक से नहीं टकराया। हमलावर धक्का देकर वापस जाने लगा, फिर अगले ही पल वापस आया और जमीन पर गिरी नन को लात मारने लगा। इतने में वहां मौजूद राहगीर नन के बचाव में आगे आ गया।
नन के चेहरे पर मामूली खरोंच आई थी, लेकिन उन्हें गंभीर चोट नहीं आई थी। इजरायली पुलिस ने बताया कि उन्होंने 36 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
यरुशलम में स्थित फ्रेंच स्कूल ऑफ बाइबिल एंड आर्कियोलॉजिकल रिसर्च के निदेशक, फादर ओलिवियर पोक्विलन ने बताया कि पीड़ित नन स्कूल में एक शोधकर्ता है।

