Tuesday, June 23, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति त्रिपुरा में भारी बारिश, 33 हजार किसान प्रभावित; 59 करोड़ रुपये का...

त्रिपुरा में भारी बारिश, 33 हजार किसान प्रभावित; 59 करोड़ रुपये का नुकसान

0
22

अगरतला, 2 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा में लगातार तीन दिनों तक हुई भारी बारिश ने कृषि और बागवानी क्षेत्र को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। राज्य के 33 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं, जबकि फसलों को करीब 59.17 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। यह जानकारी राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने शनिवार को दी।

मंत्री ने बताया कि 27 से 29 अप्रैल के बीच राज्य में औसतन 133.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 283 मिमी बारिश धलाई जिले के कमलपुर में हुई। इसके बाद सिपाहीजला जिले के बिश्रामगंज में 278 मिमी और खोवाई जिले में 230 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, राज्य में कुल 58,540 हेक्टेयर खड़ी फसल क्षेत्र में से लगभग 6,105 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। अनुमानित उत्पादन हानि 21,635 मीट्रिक टन बताई गई है।

राज्य के आठ जिलों में दक्षिण त्रिपुरा सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 10,470 मीट्रिक टन फसल नुकसान दर्ज किया गया। वहीं खोवाई जिले में सबसे कम 463 मीट्रिक टन नुकसान हुआ है।

रतन लाल नाथ ने बताया कि आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करने के लिए राज्य, जिला और उपमंडल स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी तैनात की गई हैं।

मैदानी अधिकारियों को जियो-टैगिंग तकनीक के जरिए फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से धान और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए जल निकासी प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है।

किसानों को पुनर्बहाली के लिए भूमि की स्थिति के अनुसार फसल चक्र अपनाने की सलाह दी गई है। वैकल्पिक फसलों में अरहर, लोबिया जैसी दलहन, तिलहन फसलें, मक्का, पत्तेदार सब्जियां और कंगनी व रागी जैसे मोटे अनाज शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण राज्य के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अगरतला केंद्र ने अगले सात दिनों के दौरान त्रिपुरा के उत्तर, उनाकोटी, धलाई, खोवाई और पश्चिम जिलों के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

आईएमडी ने इन जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है।