कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल निर्वाचन आयोग के सीईओ मनोज अग्रवाल ने कहा कि हमने पूरे चुनाव के दौरान लोगों से अपील की कि वे किसी भी सूरत में कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में नहीं लें। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह सिर्फ एक त्योहार की तरह होता है, जैसे दुर्गा पूजा।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी लोग बड़ी संख्या में आकर मतदान करें। इस तरह की अपील हमने लोगों से की थी। इसके इतर, हमने सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा था। हमने सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया था और यह सुनिश्चित किया था कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। हमने लोगों से भी अपील की थी कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधियों में संलिप्त न हों। यह सिर्फ एक त्योहार की तरह है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान हमने पूरी कोशिश की कि किसी भी प्रकार अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो। इसके लिए हमने पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली थी, जिसके तहत हमने हर कदम उठाया। हमने लोगों से अपील की थी कि आप किसी भी सूरत में कानून-व्यवस्था को हाथ में न लें। चुनाव आते जाते रहते हैं। यह एक त्योहार की तरह हैं, जिसमें आप बढ़चढ़ कर हिस्सा लें।
आमतौर पर पश्चिम बंगाल में छह से सात चरण में विधानसभा चुनाव संपन्न कराने की रीति रही है, लेकिन इस बार इस रीति को तोड़ते हुए प्रदेश में दो चरणों में ही विधासनभा चुनाव संपन्न कराए गए। इस पर सीईओ मनोज अग्रवाल ने कहा कि हम तो एक ही चरण में प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने के लिए तैयार थे। हमने यह बातें शीर्ष स्तर पर रखी भी थीं, लेकिन कुछ नियम भी होते हैं, जिनका हमें ध्यान रखना होता है। इसी को देखते हुए हमने दो चरणों में ही विधानसभा चुनाव प्रदेश में संपन्न कराने का फैसला किया। अब मुझे पूरा भरोसा है कि आगामी दिनों में प्रदेश में एक चरण में ही विधानसभा के चुनाव होंगे।
टीएमसी ने कहा कि जहां पर 1 हजार से कम वोट आएंगे, वहां पर हम लोग रिपोलिंग की मांग करेंगे। इस पर मनोज अग्रवाल ने कहा कि अब रिपोलिंग नहीं, बल्कि रिकाउंटिंग होगी, जिसका पूरी प्रक्रिया पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अगर मौजूदा परिस्थिति रिकाउंटिंग से मेल खाती हुई नजर आएगी, तो निश्चित तौर पर आगे कदम बढ़ाएं जाएंगे। इस बारे में सभी चुनाव आयोग अवगत हैं। हमें किसी को भी कुछ बताने की जरूरत नहीं है।

