अयोध्या, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन से उत्साहित अयोध्या के सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में सोमवार को भारी उत्साह देखने को मिला। महंत राजू दास के नेतृत्व में समर्थकों ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाइयां और झालमुड़ी वितरित की।
हनुमानगढ़ी में मनाए गए इस विजय उत्सव में समर्थकों का जोश देखने लायक था। वहां पर ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ आतिशबाजी की गई। महंत राजू दास ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि यह केवल एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि यह बंगाल की धरती पर सांस्कृतिक पुनर्जागरण की शुरुआत है।
उन्होंने इस जीत को ‘भगवे और सनातन’ की जीत बताया। महंत राजू दास ने कहा, “आज हनुमान जी के चरणों में विजय उत्सव मनाया जा रहा है। यह उत्सव तिरंगे के सम्मान और बंगाल के उन निवासियों के लिए है, जिन्होंने भगवे की लाज बचाई है। आज देश के राष्ट्रवादियों की जीत हुई है।”
आईएएनएस ने महंत से पूछा, “पुडुचेरी और असम में भाजपा के प्रदर्शन को आप कैसे देखते हैं?” इस पर उन्होंने कहा कि हमारा बंगाल को लेकर विशेष उत्साह इसलिए है क्योंकि वह मां दुर्गा की धरती है। वहां लंबे समय से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही थी और हिंदुत्व के मुद्दों की अनदेखी हो रही थी।”
उन्होंने ममता बनर्जी के नारों पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “बंगाल में जो वे ‘हंबा-हंबा, डंबा-डंबा’ बोल रही थीं। वो अब खत्म होने जा रहा है। वहां की जनता ने अपराध, भ्रष्टाचार और दंगों को नकार कर चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार और राष्ट्रवाद को चुना है।”
महंत राजू दास ने कड़े शब्दों में कहा कि अब देश में वही राज करेगा, जो हिंदुत्व और सनातन का साथ देगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हैं या फिर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश तिरंगे और राष्ट्रवाद के सम्मान के साथ ही आगे बढ़ेगा।
महंत राजू दास ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी सनातनियों और राष्ट्रभक्तों को भी बधाई देता हूं जिन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की। आज हनुमानगढ़ी से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि जो सनातन का सम्मान करेगा, वही शासन की गद्दी पर बैठेगा।”

