संतुलित थाली ही है स्वस्थ जीवन का आधार, जानिए क्या और कितना खाएं?

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। हमारी सेहत की असली नींव हमारी रोज की थाली में रखी होती है। हम रोज क्या खाते हैं और कितना खाते हैं उसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हम समझें कि एक संतुलित थाली आखिर होती कैसी है और उसमें क्या-क्या होना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि अपनी थाली को तीन हिस्सों में बांटना चाहिए। थाली का आधा हिस्सा मौसमी फल और सब्जियों से भरा होना चाहिए। ये हमारे शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और फाइबर देते हैं, जिससे पाचन भी अच्छा रहता है और रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। हरी सब्जियां, गाजर, टमाटर, लौकी, पालक और मौसमी फल जैसे सेब, केला, पपीता आदि रोज खाने चाहिए।

इसके बाद थाली का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा अनाज या मोटे अनाज का होना चाहिए। इसमें गेहूं की रोटी, चावल, रागी, बाजरा और ज्वार जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। ये हमें ऊर्जा देती हैं ताकि हम दिनभर एक्टिव रह सकें। आजकल मोटे अनाज को फिर से अपनाने पर जोर दिया जा रहा है क्योंकि ये ज्यादा पौष्टिक और सेहत के लिए अच्छे होते हैं।

बाकी 25 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन से भरपूर चीजों का होना चाहिए। इसमें दालें, चना, राजमा, सोयाबीन शामिल किए जा सकते हैं। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो अंडा, मछली, चिकन या मीट भी इस हिस्से में आ सकता है। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है और शरीर की मरम्मत में मदद करता है।

इसके साथ ही थोड़ी मात्रा में अच्छे फैट्स भी जरूरी होते हैं। जैसे मूंगफली, बादाम, अखरोट, तिल, अलसी के बीज और सीमित मात्रा में तेल या घी। ये दिमाग और हार्मोन के लिए जरूरी होते हैं। साथ ही अगर संभव हो तो थोड़ा दूध या दही भी रोज की डाइट में शामिल करें, क्योंकि ये कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर दिन एक ही तरह का खाना न खाएं, बल्कि अलग-अलग अनाज, सब्जियां और दालें शामिल करें। इससे शरीर को हर तरह के पोषक तत्व मिलते हैं।