गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. गणेश बरैया को किया सम्मानित, युवाओं के लिए बताया प्रेरणा

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गांधीनगर, 5 मई (आईएएनएस)। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने मंगलवार को छात्रों से कहा कि वे जीवन में असफलता से न डरें और कठिनाइयों का डटकर सामना करें। उन्होंने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता भी जताई। यह बात उन्होंने भावनगर सिविल अस्पताल के डॉक्टर गणेश बरैया को सम्मानित करते हुए गांधीनगर में कही।

डॉ. गणेश बरैया को उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने शारीरिक चुनौती के बावजूद शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में सफलता हासिल की है। मंत्री ने कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है।

सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, ”जीवन में किसी भी असफलता से डरना नहीं चाहिए, डॉ. गणेश बरैया की तरह एक योद्धा बनना चाहिए। उनका शैक्षणिक संघर्ष युवाओं के लिए मार्गदर्शक प्रकाश है।”

छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसे मामले परिवारों के लिए बहुत दर्दनाक होते हैं। जब बेटा या बेटी आत्महत्या करते हैं, तो माता-पिता के सपने टूट जाते हैं।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे असफलता से निराश होने के बजाय मेहनत करें और फिर से आगे बढ़ें, यही जीवन का सही अर्थ है। मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे कोर्स करने वाले छात्रों को असफलता से नहीं डरना चाहिए और किसी भी बड़े कदम से पहले सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब छात्र निराशा में आत्महत्या के बारे में सोचें, तो उन्हें अपने माता-पिता के दर्द के बारे में जरूर सोचना चाहिए। होस्टल या बाहर रहने वाले छात्रों को घर आने पर मोबाइल में व्यस्त रहने के बजाय परिवार के साथ समय बिताना चाहिए। सफलता केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना नहीं है, बल्कि इंसान के अंदर के मानवीय मूल्य ही उसे महान बनाते हैं।

कार्यक्रम में डॉ. गणेश बरैया ने कहा कि उन्हें मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़कर अपना मेडिकल डिग्री प्राप्त किया।

उन्होंने अपने शिक्षक डॉ. दलपत कटारिया को धन्यवाद दिया, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक उनकी मदद की। मंत्री ने भी शिक्षक और छात्र के मजबूत संबंधों की सराहना की और मेडिकल कॉलेज के डीन और सुपरिंटेंडेंट के सहयोग की प्रशंसा की।