नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। सऊदी अरब में योग को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की सक्रिय पहल देखने को मिली है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी योगा कमेटी के सीईओ अहमद अल सादी और सऊदी खेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।
इस दौरान आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों और सऊदी अरब में योग तथा समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि यह बैठक बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही। बैठक में योग के प्रसार और लोगों के जीवन में संतुलन लाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया गया। इस पहल में विदेश मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव से हुई थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्य देशों का सर्वसम्मति से समर्थन मिला था। आज यह दिन पूरी दुनिया में योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक बड़ा वैश्विक अभियान बन चुका है।
योग दिवस का महत्व केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों का समाधान भी प्रस्तुत करता है। योग न केवल शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है, बल्कि यह मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में भी मदद करता है। साथ ही, यह लोगों को आंतरिक शांति और संतुलन का अनुभव कराता है।
आज के समय में योग जीवनशैली का एक ऐसा हिस्सा बनकर उभरा है, जो शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन भी प्रदान करता है। यही कारण है कि योग दिवस भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में भी उभरकर सामने आया है, जो दुनिया भर में सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक एकता को मजबूत करता है।

