Tuesday, August 25, 2026
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गुजरात: स्थानीय निकाय चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा की अहम बैठक, नए नेतृत्व पर होगा फैसला

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गांधीनगर, 6 मई (आईएएनएस)। गुजरात में भाजपा ने बुधवार को अपनी राज्य चुनाव समिति की एक बैठक बुलाई, ताकि हालिया चुनावी सफलता के बाद स्थानीय निकायों में प्रमुख पदाधिकारियों की नियुक्ति पर विचार-विमर्श शुरू किया जा सके।

यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी शामिल हुए।

पार्टी नेताओं ने बताया कि चुने हुए विंग के प्रमुखों को अंतिम रूप देने के लिए चर्चा लगभग तीन दिनों तक जारी रहेगी।

इस प्रक्रिया के जरिए 15 नगर निगमों के मेयर और 33 जिला पंचायतों के अध्यक्षों के नामों का फैसला किया जाएगा।

पार्टी के एक पदाधिकारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि यह बैठक दो से तीन दिनों तक चल सकती है और इसमें तीन चरणों वाली प्रक्रिया के तहत स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों की समीक्षा की जाएगी।

पहले चरण में स्थानीय नेताओं और सफल उम्मीदवारों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में जिला-स्तरीय इकाइयों और पार्टी पर्यवेक्षकों के साथ चर्चा हुई, जिसके दौरान सुझाव और जानकारी जुटाई गई। अंतिम चरण में इन निष्कर्षों को विचार-विमर्श के लिए चुनाव समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिसके बाद कम से कम तीन दिनों के भीतर निर्णयों की घोषणा होने की उम्मीद है।

यह बैठक 26 अप्रैल को हुए राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद हुई है, जिसमें भाजपा को जबरदस्त जीत मिली थी। इन चुनावों में 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की लगभग 9,200 सीटों पर वोट डाले गए, जिनमें 4.18 करोड़ से ज्यादा योग्य मतदाता थे।

नगर निगमों में लगभग 55 प्रतिशत और पंचायत क्षेत्रों में 66 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। नतीजों से पता चला कि भाजपा ने अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट समेत सभी 15 नगर निगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। साथ ही, ग्रामीण स्थानीय निकायों में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है।

पार्टी ने जिला और तालुका पंचायतों में ज्यादातर सीटें जीतकर पूरे राज्य में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। कांग्रेस पार्टी ज्यादातर इलाकों में पीछे रही, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को कुछ चुनिंदा जगहों पर ही थोड़ी-बहुत बढ़त मिली, जिसका कुल नतीजों पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मेयर और जिला पंचायत के नेतृत्व पदों के लिए उम्मीदवारों का चुनाव करते समय संगठनात्मक अनुभव, चुनावी प्रदर्शन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। एक नेता ने कहा कि नामों को अंतिम रूप देने से पहले सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

इस तीन-दिवसीय बैठक के नतीजों से गुजरात भर में नगर और जिला स्तर पर शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने वाले अहम नागरिक संस्थानों के नेतृत्व का फैसला होने की उम्मीद है।